दिल्ली सरकार की जीईएम पोर्टल से अप्रैल-जुलाई में खरीद 156 प्रतिशत बढ़कर 1,595 करोड़ रुपये हुई

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दिल्ली सरकार की जीईएम पोर्टल से अप्रैल-जुलाई में खरीद 156 प्रतिशत बढ़कर 1,595 करोड़ रुपये हुई

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 04:39 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 04:39 PM IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) दिल्ली सरकार की गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल से चालू वित्त वर्ष के पहले चार माह (अप्रैल-जुलाई) में खरीद 1,595 करोड़ रुपये रही है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 624 करोड़ रुपये से 156 प्रतिशत अधिक है। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा मिला। मुख्यमंत्री कार्यालय ने (सीएमओ) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि एमएसएमई सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि रोजगार, नवोन्मेष और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं और दिल्ली सरकार उन्हें एक मजबूत मंच प्रदान कर रही है।

जीईएम के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई तक 1,595 करोड़ रुपये की खरीद दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 624 करोड़ रुपये से 156 प्रतिशत अधिक है।

बयान के मुताबिक, यह बढ़ोतरी दिल्ली के छोटे कारोबारियों को मिल रहे बढ़ते बाजार और अवसरों की मजबूत तस्वीर पेश करता है।

वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में कुल 4,311 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद जीईएम के माध्यम से हुई थी। यह वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

बयान में कहा गया है कि इसमें सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) से हुई खरीद की हिस्सेदारी लगभग 2,177 करोड़ रुपये रही।

इसमें कहा गया है कि जीईएम के प्रभावी उपयोग से, खरीद प्रक्रिया अब डिजिटल, सरल और अधिक पारदर्शी हो गई है।

बयान के अनुसार, यह छोटे व्यवसायों और उद्यमियों को सरकारी खरीद के लिए एक सामान्य और व्यापक डिजिटल बाज़ार तक पहुंच प्रदान कर रहा है।

बयान में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में भी छोटे कारोबार क्षेत्रों की सरकारी खरीद में भागीदारी लगातार बढ़ी है। वित्त वर्ष 2021-22 में एमएसई से लगभग 965 करोड़ रुपये की खरीद हुई थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,177 करोड़ रुपये हो गई।

इसके मुताबिक, दिल्ली के विक्रेताओं को वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 95 प्रतिशत ऑर्डर केंद्र सरकार और दूसरे राज्यों के खरीदारों से आए। इससे दिल्ली के एमएसएमई को स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर देशभर में अपने उत्पाद और सेवाएं पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि दिल्ली सरकार की सरकारी खरीद व्यवस्था को ज्यादा समावेशी बनाने की दिशा में महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी भी बढ़ रही है।

इसने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में जीईएम के माध्यम से महिला उद्यमियों से 315 करोड़ रुपये, एससी/एसटी उद्यमियों से 41 करोड़ रुपये और स्टार्टअप से 405 करोड़ रुपये की खरीद हुई।

बयान के मुताबिक, सरकार का प्रयास है कि सरकारी खरीद का फायदा केवल बड़े कारोबार तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे कारोबारियों, महिला उद्यमियों, नए स्टार्टअप और अलग-अलग वर्गों के उद्यमियों को भी बराबर अवसर मिलें।

भाषा नोमान नोमान अजय

अजय योगेश

योगेश