महाराष्ट्र के प्याज किसानों ने सब्सिडी की मांग की

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महाराष्ट्र के प्याज किसानों ने सब्सिडी की मांग की

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  • Publish Date - May 8, 2026 / 08:15 PM IST,
    Updated On - May 8, 2026 / 08:15 PM IST

मुंबई, आठ मई (भाषा) महाराष्ट्र में प्याज उत्पादक किसान, कीमतों में भारी गिरावट और खेती की बढ़ती लागत के कारण ‘आर्थिक तबाही’ के कगार पर हैं। ऐसे में सरकार को 1,500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी देकर मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। एक किसान संगठन ने शुक्रवार को यह बात कही।

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने कहा कि पिछले कई महीनों में प्याज की कीमतें तेजी से गिरी हैं। दूसरी तरफ बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी, सिंचाई, बिजली, परिवहन और भंडारण की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है।

संघ के संस्थापक-अध्यक्ष भरत दिघोले ने आरोप लगाया कि किसान अपनी उत्पादन लागत भी वसूल नहीं पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बीड जिले के नेकनूर का एक किसान सोलापुर बाजार में बेचने के लिए प्याज के 41 बोरे लाया था, लेकिन केवल 20 बोरे ही बिक पाए। मजदूरी, कमीशन, बाजार शुल्क, परिवहन और अन्य खर्चों को काटने के बाद, उसके पास केवल 519 रुपये बचे।

एक अन्य मामले में, नासिक जिले की सटाना कृषि उपज बाजार समिति में एक प्याज किसान को अपनी उपज के लिए केवल 50 रुपये प्रति क्विंटल या 50 पैसे प्रति किलोग्राम मिले और बाद में उसने बाजार परिसर में ही आत्महत्या करने की कोशिश की।

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर जिले की वैजापुर कृषि उपज बाजार समिति में किसानों ने धरना दिया और अपनी उपज के लिए कम कीमतें मिलने के बाद प्याज की नीलामी रोक दी।

दिघोले ने मांग की कि राज्य और केंद्र सरकारें प्रभावित प्याज किसानों को तुरंत 1,500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दें, प्याज के निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाएं, बाजार समितियों में कमीशन को नियंत्रित करें, किसानों को सीधे बाजार तक पहुंच प्रदान करें और प्याज के लिए एक गारंटीशुदा समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा करें।

उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

संघ ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल राहत उपायों की घोषणा नहीं की गई, तो पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण