नाफेड, एनसीसीएफ को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन, तिलहन की खरीद बढ़ाने का निर्देश

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नाफेड, एनसीसीएफ को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन, तिलहन की खरीद बढ़ाने का निर्देश

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  • Publish Date - May 8, 2026 / 07:56 PM IST,
    Updated On - May 8, 2026 / 07:56 PM IST

नयी दिल्ली, आठ मई (भाषा) कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को सहकारी संस्थाओं नाफेड और एनसीसीएफ को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद में तेजी लाने का निर्देश दिया। दलहन और अन्य रबी फसलों की थोक मंडी कीमतें समर्थन मूल्य से नीचे आने के बीच यह निर्देश दिया गया है।

खरीद कार्यों की समीक्षा करते हुए, चौहान ने अधिकारियों से कहा कि वे इस काम को केवल एक सरकारी औपचारिकता न मानकर ‘अभियान स्तर पर जिम्मेदारी’ के रूप में लें। उन्होंने कहा कि बाजार की कीमतें कम होने पर अगर उसके हिसाब से खरीद नहीं की जाती, तो यह किसानों के हित में नहीं है।

मंत्री ने दोनों एजेंसियों…राष्ट्रीय कृषि सहकारिता महासंघ (नाफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) से कहा कि वे जिला-स्तर पर लक्ष्य तय करें, मौजूदा रुकावटों और उनके संभावित समाधानों की सूची बनाएं और मौजूदा खरीद चक्र खत्म होने से पहले इसमें साफ तौर पर सुधार दिखाएं।

मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत, इन दोनों एजेंसियों का यह दायित्व है कि जब भी थोक मंडी कीमतें एमएसपी से नीचे गिरें, तो वे उस उपज को एमएसपी पर खरीदें।

एक सरकारी बयान के अनुसार, चौहान ने निर्देश दिया कि जिला-स्तर पर उत्पादन के अनुमानों, बाजार में आने वाली संभावित उपज और 25 प्रतिशत की खरीद क्षमता के आधार पर कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं।

जिन फसलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, उनमें चना, मसूर, उड़द और सरसों शामिल हैं। ये मुख्य दलहन और तिलहन हैं, जिनकी बिक्री से किसानों को मिलने वाली आय पर अभी दबाव है।

भुगतान के मामले में, मंत्री ने देरी को एक ‘संवेदनशील मुद्दा’ बताया और सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने को कहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसानों को खरीद के 72 घंटों के भीतर ही भुगतान हो जाए।

बैठक में राज्यों से जुड़ी अन्य चिंताओं पर भी चर्चा हुई। इसमें बिहार में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) व्यवस्था का न होना, गुजरात में भुगतान में देरी, महाराष्ट्र में डेटा मिलान का काम अधूरा होना और आंध्र प्रदेश से खरीद से जुड़ा अतिरिक्त डेटा अभी तक न मिलना शामिल हैं।

चौहान ने पारदर्शिता और निगरानी को बेहतर बनाने के लिए राज्य-स्तरीय पोर्टल को केंद्र के सीएनए पोर्टल के साथ जोड़ने का भी निर्देश दिया।

मंत्री ने आश्वासन दिया कि जहां भी राज्य-स्तरीय निर्देशों या स्थानीय प्रशासनिक रुकावटों के कारण खरीद में बाधा आ रही होगी, वहां केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ सक्रिय समन्वय बनाकर हस्तक्षेप करेगी।

उन्होंने इस बात को फिर दोहराया कि दलहनों और तिलहनों के उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी तभी संभव है, जब किसानों को इस बात का भरोसा हो कि बाजार में नरमी के समय भी उन्हें एमएसपी के तहत खरीद का पूरा समर्थन मिलेगा।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण