नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) कार बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआई) वित्त वर्ष 2030-31 तक हरित ऊर्जा से जुड़ी पहल में 925 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है, जिसमें दो बायोगैस परियोजनाएं भी शामिल हैं। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मारुति सुज़ुकी इंडिया ने बयान में कहा कि कंपनी अपनी खरखौदा इकाई में 10 टन प्रति दिन (टीपीडी) क्षमता वाला बायोगैस संयंत्र लगाएगी, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 में चालू किया जाएगा।
बयान के अनुसार, दूसरी पहल के तौर पर कंपनी ने मानेसर स्थित अपनी इकाई में बायोगैस संयंत्र की क्षमता को 0.2 टीपीडी से बढ़ाकर 0.7 टीपीडी कर दिया है।
बयान में कहा गया, ‘‘मारुति सुजुकी इन दोनों परियोजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जो अपने परिचालन में नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों को शामिल करने के उसके लंबे समय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’
बयान में कहा गया कि कंपनी की बायोगैस पहल सरकार के ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के अनुरूप हैं।
मारुति सुज़ुकी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी लगातार ऐसे प्रयासों पर काम कर रही है जिनका मकसद ईंधन की खपत और तेल आयात पर निर्भरता को कम करना है।
भाषा यासिर अजय
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