जालना, तीन सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दीपेंद्र सिंह कुशवाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि निगम की भूमिका केवल औद्योगिक भूखंड बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि बुनियादी ढांचा विकसित करना, सेवाएं उपलब्ध कराना और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना भी है।
एमआईडीसी के सीईओ ने यह बात जालना फर्स्ट और जिला प्रशासन की ओर से आयोजित ‘इंडस्ट्रियल समिट 2026’ में कहा।
इस सम्मेलन में देशभर से करीब 300 उद्योगपति और उद्यमी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि एमआईडीसी का जोर औद्योगिक विकास को सुगम बनाने और सरकार तथा उद्योग जगत के बीच मजबूत संबंध बनाए रखने पर है।
कुशवाह ने कहा कि निगम छोटे और बड़े उद्योगों के बीच भेदभाव नहीं करता तथा विभिन्न क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।
कुशवाह ने कहा, ‘‘एमआईडीसी की 12 नीतियां उद्योगों को समर्थन देने के लिए हैं, लेकिन अभी सीमित संख्या में उद्यमी ही इनका लाभ उठा रहे हैं। इन योजनाओं का व्यापक इस्तेमाल औद्योगिक वृद्धि को महत्वपूर्ण बढ़ावा दे सकता है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य निवेश आकर्षित करने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और महाराष्ट्र बेहतर बुनियादी ढांचे, सुविधाओं तथा अनुकूल कारोबारी माहौल की पेशकश करके इस दौड़ में आगे है।
भाषा योगेश अजय
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