पश्चिम एशिया संकट: कच्चे तेल में उछाल से तेल विपणन, पेंट कंपनियों के शेयरों में गिरावट
पश्चिम एशिया संकट: कच्चे तेल में उछाल से तेल विपणन, पेंट कंपनियों के शेयरों में गिरावट
नयी दिल्ली, चार मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में गहराते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के चलते बुधवार को लगातार दूसरे दिन तेल विपणन कंपनियों और पेंट निर्माताओं के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) का शेयर 5.41 प्रतिशत टूट गया। वहीं, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) में 4.94 प्रतिशत और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) में 4.78 प्रतिशत की गिरावट आई।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.08 प्रतिशत की छलांग लगाकर 83.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण पेंट कंपनियों के शेयरों पर भी बिकवाली का दबाव देखा गया। शालीमार पेंट्स के शेयरों में 2.60 प्रतिशत, बर्जर पेंट्स में 2.22 प्रतिशत और इंडिगो पेंट्स में 1.49 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा एशियन पेंट्स, कंसई नेरोलैक पेंट्स और अक्जो नोबेल इंडिया के शेयर भी मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक जोखिम की धारणा नाजुक बनी हुई है, जिससे तेल की कीमतों में अस्थिरता है। मुद्रास्फीति के प्रभाव और चालू खाता घाटा (सीएडी) बढ़ने की आशंका के कारण भारतीय बाजारों में भी गिरावट देखी गई।’
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,122.66 अंक या 1.40 प्रतिशत गिरकर 79,116.19 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 385.20 अंक या 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,480.50 पर रहा।
बजाज ब्रोकिंग के अनुसार, बढ़ते संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजारों को अनिश्चितता के दौर में धकेल दिया है। विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली से घरेलू बाजारों पर दबाव बना हुआ है, जिससे पूंजी बाहर जा रही है और नकदी के साथ-साथ निवेशकों का भरोसा भी प्रभावित हो रहा है।
भाषा सुमित पाण्डेय
पाण्डेय

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