पश्चिम एशिया तनाव, फेडरल रिजर्व के निर्णय से तय होगी सर्राफा बाजार की दिशा: विश्लेषक
पश्चिम एशिया तनाव, फेडरल रिजर्व के निर्णय से तय होगी सर्राफा बाजार की दिशा: विश्लेषक
नयी दिल्ली, 26 जुलाई (भाषा) अमेरिकी फेडरल रिवर्ज के ब्याज दर संबंधी फैसले, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष जैसी घटनाएं अगले सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।
फेडरल रिजर्व के फैसले के अलावा निवेशक अमेरिका के उपभोक्ता विश्वास, महंगाई आंकड़े, साप्ताहिक बेरोजगारी दावों और बैंक ऑफ इंग्लैंड तथा बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक समीक्षा बैठकों की घोषणाओं पर भी नजर रखेंगे।
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष शोध विश्लेषक (जिंस एवं मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा, “29 जुलाई को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीति निर्णय से पहले बाजार की धारणा अमेरिका-ईरान की भू-राजनीतिक स्थिति में घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों की दिशा और उनके महंगाई संबंधी अपेक्षाओं पर पड़ने वाले असर से प्रभावित होती रहेगी।’’
घरेलू वायदा बाजार में पिछले सप्ताह अगस्त में आपूर्ति वाले सोने का वायदा भाव 2,200 रुपये यानी 1.6 प्रतिशत बढ़कर 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
वहीं सितंबर में आपूर्ति वाली चांदी का वायदा भाव 5,735 रुपये यानी 2.7 प्रतिशत चढ़कर 2.22 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में न्यूयॉर्क के कॉमेक्स पर अगस्त में आपूर्ति वाले सोने का वायदा भाव 52 डॉलर यानी 1.3 प्रतिशत बढ़कर 4,070.8 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, सितंबर अनुबंध वाली चांदी करीब पांच प्रतिशत की बढ़त के साथ 58.90 डॉलर प्रति औंस पर रही।
विश्लेषकों के अनुसार, सप्ताह के दौरान सर्राफा में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया, क्योंकि ब्रेंट कच्चा तेल कुछ समय के लिए 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के पार चला गया। यह तेजी हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी स्वामित्व वाले जहाजों पर हमलों के बाद आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के चलते आई।
मिराए एसेट शेयरखान में जिंस मामलों के प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि ईरान से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर के बीच सोना और चांदी सीमित दायरे में कारोबार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि चीन का केंद्रीय बैंक मई में भी सोने की खरीद जारी रखे हुए है, जिससे आधिकारिक मांग को मजबूती मिल रही है।
भाषा यासिर योगेश
योगेश

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