खनन क्षेत्र अगले 20 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में 500 करोड़ डॉलर का योगदान देगा: फडणवीस

खनन क्षेत्र अगले 20 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में 500 करोड़ डॉलर का योगदान देगा: फडणवीस

खनन क्षेत्र अगले 20 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में 500 करोड़ डॉलर का योगदान देगा: फडणवीस
Modified Date: September 11, 2026 / 06:33 pm IST
Published Date: September 11, 2026 6:33 pm IST

नागपुर, 11 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि देश का खनन क्षेत्र अगले 20 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में 500 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है और इससे करीब तीन करोड़ नए रोजगार पैदा हो सकते हैं।

फडणवीस ने ‘द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया)’ के ‘नागपुर लोकल सेंटर’ द्वारा आयोजित 36वें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र भारत की खनन आधारित आर्थिक वृद्धि का एक बड़ा इंजन बनने और ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण को साकार करने में अहम भूमिका निभाने की पूरी क्षमता रखता है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज पूरी दुनिया ऊर्जा सुरक्षा की बात कर रही है, लेकिन ऊर्जा सुरक्षा अब सीधे तौर पर खनिज सुरक्षा से जुड़ गई है। बिना खनिज सुरक्षा के ऊर्जा सुरक्षा हासिल कर पाना अब संभव नहीं है।’’

फडणवीस ने कहा कि सेमीकंडक्टर, कृत्रिम मेधा (एआई) और क्वांटम जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकी नई दुनिया की रूपरेखा तय कर रही हैं। ये तीनों क्षेत्र भारी मात्रा में बिजली और खनिजों पर निर्भर हैं।

उन्होंने दुनियाभर में आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने का हवाला देते हुए कहा कि हर देश के लिए एक मजबूत खनन परिवेश विकसित करना और खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पाना बेहद जरूरी हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के कई अभियानों की वजह से देश तरक्की कर रहा है और महत्वपूर्ण खनिजों एवं दुर्लभ खनिजों का मिशन देश के खनन उद्योग की तस्वीर बदल रहा है।

फडणवीस ने कहा कि भारत में कोयला, चूना पत्थर और लौह अयस्क का खनन पहले से प्रमुख रहा है, लेकिन आर्थिक विकास के लिए इस्पात, सीमेंट और ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की भी आवश्यकता बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कोयला गैसीकरण के बारे में कहा कि नए राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन के तहत स्वीकृत शुरुआती आठ परियोजनाओं में से चार परियोजनाएं विदर्भ में हैं।

आयोजकों की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अपने संदेश में कहा कि लिथियम और दुर्लभ मृदा तत्वों जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता भारत के हरित ऊर्जा की ओर बदलाव और संसाधन सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

भाषा यासिर प्रेम

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