सांख्यिकी मंत्रालय ने जिला घरेलू उत्पाद के अनुमान के लिए दिशानिर्देश जारी किए

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सांख्यिकी मंत्रालय ने जिला घरेलू उत्पाद के अनुमान के लिए दिशानिर्देश जारी किए

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 08:07 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 08:07 PM IST

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) सांख्यिकी मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि 2022-23 को आधार वर्ष मानकर जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) अनुमानों के संकलन को लेकर एक समान दिशानिर्देश जारी किया गया है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने 2022-23 को आधार वर्ष मानकर डीडीपी अनुमानों के संकलन को लेकर दिशानिर्देशों का मसौदा सात अप्रैल को मंत्रालय की वेबसाइट पर परामर्श और प्रतिक्रिया के लिए डाला था।

इस दिशानिर्देश में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों, शोधकर्ताओं और उप-राज्य स्तरीय सांख्यिकी के अन्य उपयोगकर्ताओं सहित विभिन्न पक्षों से सुझाव और प्रतिक्रिया मांगी गई थी।

विभिन्न पक्षों से प्राप्त टिप्पणियों और सुझावों की विस्तृत जांच के बाद, अंतिम रूप से तैयार ‘जिला घरेलू उत्पाद अनुमानों के संकलन के लिए दिशानिर्देश’ मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी किया जा रहा है।

ये दिशानिर्देश संशोधित आधार वर्ष ढांचे के अंतर्गत जिला स्तरीय आर्थिक अनुमानों में एकरूपता, तुलना और तौर-तरीकों के मानकीकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डीडीपी अनुमानों के संकलन को लेकर एक व्यापक और समान रूपरेखा प्रदान करते हैं।

इस दस्तावेज में जिला स्तर पर सकल जिला घरेलू उत्पाद (जीडीडीपी), शुद्ध जिला घरेलू उत्पाद (एनडीडीपी) और प्रति व्यक्ति आय के संकलन के लिए अवधारणा, दायरा, आंकड़ा स्रोतों, अनुमान प्रक्रियाओं और कार्यप्रणालियों का विस्तृत वर्णन किया गया है।

वर्तमान में, 26 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश डीडीपी अनुमानों का संकलन कर रहे हैं।

अंतिम रूप दिए गए दिशानिर्देश से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनुमान प्रक्रियाओं के सामंजस्य को सुगम बनाने और जिला-स्तरीय आर्थिक सांख्यिकी तैयार करने के लिए संस्थागत रूपरेखा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

भरोसेमंद और तुलनात्मक डीडीपी अनुमानों की उपलब्धता से योजना, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, क्षेत्रीय विकास विश्लेषण और जिला स्तर पर सोच-समझकर निर्णय लेने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

बयान के अनुसार, यह दिशानिर्देश राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आंकड़ा प्रणालियों में सुधार करने और मजबूत जिला स्तरीय अनुमान तैयार करने के लिए सांख्यिकीय क्षमता को मजबूत करने में भी मदद करेगा।

भाषा रमण अजय

अजय