नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) सर्राफा परिशोधक एमएमटीसी-पीएएमपी ने बुधवार को चांदी सिक्का, छड़ों और आभूषण के लिए उद्योग का पहला संगठित पुनर्खरीद कार्यक्रम शुरू किया, जिसे शुरू में सात शहरों में लागू किया जाएगा, जिसके बाद इसे पूरे देश में लागू करने की योजना है।
यह सेवा कोलकाता, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, लुधियाना, अहमदाबाद, मुंबई और नई दिल्ली में कुछ खास ब्रांड स्टोर और शुद्धता जांच केन्द्रों पर शुरू होगी, और अगले वित्तवर्ष में इसके सभी स्टोर में इसे बढ़ाने की योजना है।
एमएमटीसी-पीएएमपी अभी भारत में 17 सोना पुनर्चक्रीकरण स्टोर चलाती है और इसका मकसद इन केन्द्रों पर अपनी चांदी पुनर्खरीद सेवा को बढ़ाना है।
ग्राहक कंपनी के शुद्धता जांच केन्द्र पर सुरक्षित निगरानी में एक्सआरएफ प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके अपने चांदी उत्पाद को पिघलाकर जांच करवा सकते हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा कि भुगतान मौजूदा बाजार पुनर्खरीद दर के आधार पर सीधे एक तय बैंक खाते में किया जाएगा।
एमएमटीसी-पीएएमपी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी समित गुहा ने कहा, ‘‘भारतीय घरों में कुल मिलाकर लगभग 35,000 टन सोना और उससे भी ज्यादा चांदी है। हालांकि दुनिया भर में चांदी की खदानों में उत्पादन क्षमता ज़्यादा नहीं बढ़ रही है, लेकिन चांदी की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है।’’
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
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