Sakti Protest News: प्रदेश के इस जिले डोलोमाइट की नई खदान का विरोध, जनसुनवाई में फूटा ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा

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Sakti Protest News: सक्ती जिले के डूमरपारा में डोलोमाइट की नई खदान का ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने विरोध किया है।

  • Reported By: Netram Baghel

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  • Publish Date - April 8, 2026 / 08:16 PM IST,
    Updated On - April 8, 2026 / 08:16 PM IST

Sakti Protest News/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • सक्ती जिले के डूमरपारा में डोलोमाइट की नई खदान का हो रहा विरोध।
  • जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने किया विरोध।
  • लोगों ने अधिकारियों को जमकर खरी खोटी भी सुनाई गई।

Sakti Protest News: सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डूमरपारा में डोलोमाइट की नई खदान खोलने की कवायद के तहत जनसुनवाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सुनवाई में क्षेत्र के आसपास गांव के लोग व जिले के सत्ताधारी पार्टी व अन्य पार्टी के जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। पर्यावरण मंडल और प्रशासनिक अधिकारियों समेत पुलिस की उपस्थिति में जनसुनवाई का कार्यक्रम शुरू हुआ, लेकिन जनसुनवाई शुरू होते ही खदान के विरोध के स्वर उभरने लगे।

जनसुनवाई में खदान का विरोध

प्रस्तावित करीब 4.35 हेक्टेयर की जमीन पर डोलोमाइट की खदान खोलने के लिए जैसे ही सुनवाई का शुरू हुई तो ग्रामीण व जनप्रतिनिधि इससे बिफर पड़े, यहाँ तक कि सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधियों ने भी जमकर विरोध किया। इस दौरान अधिकारियों को जमकर खरी खोटी भी सुनाई गई। (Sakti Protest News) पर्यावरण मंडल के अधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारी भी ग्रामीणों के इस रूप को देखकर सकते में आ गए। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने मेसर्स एमआरएस मिनरल्स माइंस के प्रस्तावित खदान के लिए जनसुनवाई का जमकर विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि, ग्रामीणों ने अपने उद्बोधन में सख्त लहजे में प्रशासन को बताया है कि, अगर गांव में जबरिया खदान खोलने का प्रयास किया गया तो ग्रामीण इसका विरोध करेंगे।

पूर्व विधायक केशव चंद्रा ने अधिकारियों पर लगाए आरोप

Sakti Protest News: सुनवाई के दौरान पूर्व विधायक केशव चंद्रा ने कहा कि, उक्त जमीन में कुछ माह पहले 200 सैगोन पेड़ों की कटाई हुई थी जिसे वन विभाग के द्वारा लकड़ी को जब्त की गई थी। इसके बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उसी जमीन पर आज गुपचुप तरीके से जनसुनवाई की जा रही है, यहां तक कि उन्होंने अधिकारियों को सेटिंग पर जनसुनवाई करने की बात कही। (Sakti Protest News)  बीजेपी जिला प्रवक्ता व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कीर्तन चंद्रा ने कहा कि यह जनसुनवाई गलत तरीके से हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि, आसपास के लोगों को कोई सूचना नहीं दी गई है और न ही मुनादी कराई गई है साथ ही वातावरण, ग्रामीण परिवेश, जलवायु और भूजल स्तर समेत रोजगार को लेकर सवाल किया।

युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव ने रिपोर्ट को बताया भ्रामक

युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव अभिषेक स्वर्णकार का कहना है कि, पर्यावरण विभाग के द्वारा जो रिपोर्ट तैयार किया गया है वह पूरी तरह से भ्रामक है। साथ ही उक्त जमीन में कांट छांट कर बड़े झाड़ के जंगल की जमीन को निजी बताया गया है। क्षेत्र में पहले से ही चल रही डोलोमाइट की कई खदानों की वजह से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है। (Sakti Protest News) अब दूसरी तरफ खदानों के चलते भूजल स्तर भी गिर गया है।जिसकी वजह से गांव में पेयजल की किल्लत भी बढ़ गई है।ग्रामीणों के आवास में भी विस्फोट और धमाके से मकानों में दरारे पड़ गई है, फिर ऐसे में नई खदान की स्वीकृति देना गैर लाजमी है।

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