मुंबई, आठ अप्रैल (भाषा) अमेरिका एवं ईरान के बीच संघर्षविराम की घोषणा और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले से बुधवार को घरेलू मुद्रा को बल मिला और रुपया 52 पैसे की बढ़त के साथ 92.54 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि विदेशी मुद्रा के संदर्भ में उठाए गए कदमों के कोई ढांचागत बदलाव नहीं होने को लेकर आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा भरोसा दिलाने के बाद निवेशकों की कारोबारी धारणा को बल मिला।
इसके अलावा, कुछ निजी बैंकों में हाल के घटनाक्रम के बावजूद, बैंकिंग प्रणाली के स्वास्थ्य पर भरोसा जताया गया। मल्होत्रा ने कहा कि एचडीएफसी बैंक की निगरानी जांच के दौरान आरबीआई को प्रशासन या आचरण से जुड़ा कोई मुद्दा नहीं मिला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.92 पर खुला। यह शुरुआती कारोबार में 92.45 प्रति डॉलर तक पहुंचा और अंत में 92.54 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 52 पैसे की बढ़त है।
रुपया मंगलवार को 93.06 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.90 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 2,946.32 अंक चढ़कर 77,562.90 अंक पर जबकि निफ्टी 873.70 अंक बढ़त के साथ 23,997.35 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 13.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 94.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने बुधवार को 2,811.97 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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