साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने में अधिक निवेश जरूरी: बैंक ऑफ बड़ौदा एमडी

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साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने में अधिक निवेश जरूरी: बैंक ऑफ बड़ौदा एमडी

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  • Publish Date - September 9, 2026 / 10:00 PM IST,
    Updated On - September 9, 2026 / 10:00 PM IST

मुंबई, नौ सितंबर (भाषा) बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) देबदत्त चंद ने बुधवार को कहा कि साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए वित्तीय प्रणाली को लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर काफी अधिक निवेश करने की जरूरत है।

चंद ने वित्तीय प्रौद्योगिकी सम्मेलन ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा समय में हो रही साइबर धोखाधड़ी के पैमाने को देखते हुए वित्तीय प्रणाली को इस समस्या से निपटने के लिए काफी अधिक निवेश करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी के पीछे मोटे तौर पर दो तरह की कमजोरियां होती हैं। पहली बैंक स्तर की, जिसमें बैंकिंग प्रणाली या उसकी साइबर सुरक्षा व्यवस्था में खामियां हो सकती हैं। दूसरी ग्राहक स्तर की, जिसमें ग्राहक डिजिटल अरेस्ट और साइबर अपराध के अन्य तरीकों जैसे घोटालों का शिकार हो जाते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ग्राहक स्तर की कमजोरियों से केवल उचित जागरूकता के जरिये ही निपटा जा सकता है। इसके लिए वित्तीय साक्षरता और डिजिटल साक्षरता, दोनों में बड़े पैमाने पर निवेश करने की जरूरत है।’’

चंद ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा अपने परिचालन लाभ का एक हिस्सा साइबर सुरक्षा सहित प्रौद्योगिकी विकास पर खर्च करता रहा है। उन्होंने ग्राहक स्तर पर होने वाली धोखाधड़ी को रोकने में बैंक कर्मचारियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि इतने बड़े ग्राहक आधार को सेवाएं देने में डिजिटल मंच महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि भौतिक बैंक शाखाएं मांग के इस स्तर को संभालने में सक्षम नहीं हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि बैंक पारंपरिक क्रेडिट इतिहास नहीं रखने वाले ग्राहकों के आकलन के लिए एआई-आधारित ऋण आकलन प्रणाली का भी इस्तेमाल कर रहा है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय