विदेशें में तेजी और आपूर्ति घटने से अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

विदेशें में तेजी और आपूर्ति घटने से अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

विदेशें में तेजी और आपूर्ति घटने से अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
Modified Date: January 12, 2026 / 08:03 pm IST
Published Date: January 12, 2026 8:03 pm IST

नयी दिल्ली, 12/ जनवरी (भाषा) विदेशी बाजारों में तेजी के रुख और स्थानीय स्तर पर आपूर्ति घटने से स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को अधिकांश तेल-तिलहनों की कीमतों में तेजी रही और मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के भाव में मजबूती रही।

दूसरी तरफ, दाम ऊंचा होने और लिवाली कमजोर रहने से सरसों तेल-तिलहन तथा सोयाबीन संयंत्रों की तरफ से कम भाव लगाने से सोयाबीन तिलहन के दाम स्थिर रहे।

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बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकागो और मलेशिया एक्सचेंज में सुधार का रुख था जिससे स्थानीय बाजार में आई तेजी को समर्थन मिला।

सूत्रों ने कहा कि सर्दियों में अच्छी गुणवत्ता वाली मूंगफली और इसके तेल की मांग बढ़ी है जो मूंगफली तेल-तिलहन में आये सुधार का मुख्य कारण है। हालांकि हाजिर बाजार का दाम मूंगफली के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम ही है। विदेशी बाजार में सुधार की वजह से सोयाबीन तेल के दाम में भी सुधार है।

पाम-पामोलीन के दाम ऊंचा बोले जाने से पाम-पामोलीन के दाम में सुधार है लेकिन इस ऊंचे दाम पर लिवाली कमजोर बनी हुई है। नमकीन बनाने वाली कंपनियों की अच्छी मांग होने से ‘सॉफ्ट आयल’ बिनौला तेल में भी सुधार है।

सूत्रों ने कहा कि सरसों के दाम ऊंचा होने से इसकी लिवाली अपेक्षा के अनुकूल नहीं है। दूसरा सरसों की अगली फसल भी बाजार में आने को लगभग तैयार है। इन परिस्थियों में सरसों तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे।

इसी तरह, सोयाबीन संयंत्र संचालकों द्वारा कम दाम बोले जाने से सोयाबीन तिलहन के दाम भी स्थिर रहे। सोयाबीन तिलहन का हाजिर भाव एमएसपी से नीचे है।

सूत्रों ने कहा कि पिछले कुछ सत्रों से कुछ कारोबारी ‘गिरोह’ बनाकर बिनौला खल का दाम ऊंचा बोल रहे हैं जबकि पिछले साल वे कम दाम लगा रहे थे। एक-डेढ़ महीने पहले बिनौला खल का दाम 2,850 रुपये प्रति क्विंटल था लेकिन अब उसे बढ़ाकर 3,360-3,370 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

कारोबारी सूत्रों ने कहा, ‘इसी तरह सट्टेबाजों ने गिरोहबंदी कर कपास नरमा की आवक के समय उसका भाव नीचा कर रखा था ताकि किसानों से सस्ते में खरीद हो और बाद में इसे ऊंचे दाम पर बेचकर ज्यादा मुनाफा कमा सकें। कमजोर किसानों को इस तरह की लूट से बचाने के लिए आवश्यक खाद्य वस्तुओं के वायदा कारोबार को स्थायी रूप से रोकना चाहिये।’

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,940-6,990 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,625-7,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,560-2,860 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,375 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,410-2,510 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,410-2,555 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,875 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,600 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,400 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,110-5,160 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,810-4,860 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम


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