साधारण मांग होने से सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन में सुधार

साधारण मांग होने से सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन में सुधार

साधारण मांग होने से सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन में सुधार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:11 pm IST
Published Date: May 21, 2022 7:37 pm IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) स्थानीय मांग के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सरसों और सोयाबीन तेल-तिलहन की कीमतों में सुधार आया जबकि मूंगफली तेल तिलहन, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल सहित लगभग सभी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज बंद था जबकि शिकॉगो एक्सचेंज शुक्रवार रात में पौने दो प्रतिशत की बढ़त पर रहा था।

सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक घटकर लगभग सवा चार लाख बोरी रह गई है और इधर निरंतर सरसों की आवक घटने लगी है। किसान अपनी जरुरत के हिसाब से ही सरसों का स्टॉक मंडियों में लायेंगे। इसलिए सरकारी खरीद एजेंसियों को सरसों का भंडारण कर लेना चाहिये। आयातित तेलों के महंगा होने के कारण उनकी कमी को सरसों तेल और उसके रिफाइंड और अन्य देशी तेलों से फिलहाल पूरा किया जा रहा है लेकिन इसकी भी एक सीमा है।

सूत्रों ने कहा कि हाल के दिनों में सरसों व अन्य फसलों के लिए किसानों को अच्छा दाम मिलने से किसान लाभान्वित हुए हैं और इसका प्रभाव तिलहन उत्पादन में वृद्धि से लगाया जा सकता है। सरकार को खाद्य तेलों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए शुल्क घटाने या बढ़ाने के बजाय तेलों के थोक बिक्री दर और खुदरा बिक्री दर की निगरानी बढ़ानी होगी। आम उपभोक्ताओं की शिकायत है कि बाजार में सरसों तेल लगभग 190 – 200 रुपये लीटर मिल रहा है लेकिन अगर थोक बिक्री दाम को देखा जाये तो उस हिसाब से खुदरे में सरसों तेल सारे खर्च और लाभ जोड़ने के बाद 165-168 रुपये लीटर से अधिक नहीं होना चाहिये। सभी खाद्य तेलों के मनमाने खुदरा मूल्य पर अंकुश लगाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि साधारण मांग होने के कारण सोयाबीन तेल तिलहन कीमतों में सुधार आया। सूत्रों ने कहा कि इंडोनेशिया का निर्यात खुलने से स्थितियों में विशेष फर्क की उम्मीद नहीं करनी चाहिये। सरकार को पूरा ध्यान देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर देना होगा तभी देश तिलहन उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा।

शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,515-7,565 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,710 – 6,845 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,625 – 2,815 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,365-2,445 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,405-2,515 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 14,850 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 15,200 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 7,025-7,125 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 6,725- 6,825 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम


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