नाबार्ड ने सीवान में मत्स्य अवसंरचना विकास के लिए 195 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी

नाबार्ड ने सीवान में मत्स्य अवसंरचना विकास के लिए 195 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी

नाबार्ड ने सीवान में मत्स्य अवसंरचना विकास के लिए 195 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी
Modified Date: September 25, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: September 25, 2026 10:32 pm IST

पटना, 25 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने बिहार के सीवान जिले में आधुनिक मत्स्य अवसंरचना के विकास के लिए बिहार सरकार को 195 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है।

नाबार्ड ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह ऋण ‘मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष’ (एफआईडीएफ) के तहत मंजूर किया गया है।

बयान के मुताबिक, परियोजना के तहत मत्स्य पालन इकाइयों, मछली के बीज उत्पादन केंद्रों और हैचरी के साथ संग्रह एवं लैंडिंग केंद्र, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड-चेन, प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाइयां और आधुनिक मछली बाजार विकसित किए जाएंगे। साथ ही परिवहन और विपणन की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

इस परियोजना का उद्देश्य मछली उत्पादन बढ़ाना, मत्स्य क्षेत्र की मूल्य शृंखला को मजबूत करना तथा मछुआरों, सहकारी समितियों, स्वयं-सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं की आय एवं आजीविका में सुधार करना है।

भाषा कैलाश रवि कांत प्रेम

प्रेम


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