नारेडको ने किफायती आवास, किराये के घरों के लिए प्रोत्साहन की वकालत की

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नारेडको ने किफायती आवास, किराये के घरों के लिए प्रोत्साहन की वकालत की

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  • Publish Date - February 13, 2026 / 08:03 PM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 08:03 PM IST

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष निकाय नारेडको ने शुक्रवार को कहा कि सरकार को ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को हासिल करने और क्षेत्र की वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए किफायती आवास श्रेणी को प्रोत्साहित करना चाहिए और किराये के आवास के विकास के लिए छूट प्रदान करनी चाहिए।

नारेडको (नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल) द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय शहरी एवं रियल एस्टेट विकास सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए, एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने रियल एस्टेट कानून ‘रेरा’ को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जैन ने कहा, ‘रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम ने भारतीय संपत्ति बाजार में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की है। अब रेरा कानून को और मजबूत करने और सभी राज्यों में इसका प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।’

उन्होंने ‘सभी के लिए आवास’ पर जोर देते हुए कहा कि किफायती आवास को बढ़ावा देने और बिल्डरों व घर खरीदारों दोनों के लिए वित्त तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने की जरूरत है।

जैन ने कहा कि सरकार को किराये के मकानों के लिए रियायतें देनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए ‘एक ही जगह से सारी सरकारी मंजूरियां’ मिलनी चाहिए ताकि बिल्डरों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और काम समय पर शुरू हो सके।

जैन ने कहा कि जब नियम-कायदे साफ और पक्के होते हैं, तभी निवेशक बेझिझक पैसा लगाते हैं।

नारेडको के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने इस बात पर चिंता जताई कि कुल बिक्री में किफायती आवास की हिस्सेदारी कम हो गई है।

उन्होंने कहा, ‘हमें किराये के आवास बनाने की जरूरत है। हम केवल स्वामित्व (मालिकाना हक) पर निर्भर नहीं रह सकते।’

हीरानंदानी ने कहा कि किफायती आवास और किराये के घरों का विकास तभी संभव है जब केंद्र और राज्य सरकारें विभिन्न करों में कटौती जैसे नीतिगत प्रोत्साहन प्रदान करें। उन्होंने ‘ग्रीन रियल एस्टेट’ विकास को बढ़ावा देने की भी बात कही।

भाषा सुमित रमण

रमण