सॉफ्टवेयर सेवाएं रोकने पर एसएपी के खिलाफ नायरा एनर्जी की याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई

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सॉफ्टवेयर सेवाएं रोकने पर एसएपी के खिलाफ नायरा एनर्जी की याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई

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  • Publish Date - March 8, 2026 / 03:52 PM IST,
    Updated On - March 8, 2026 / 03:52 PM IST

नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय अगले सप्ताह जर्मनी की सॉफ्टवेयर कंपनी एसएपी की भारतीय इकाई के खिलाफ नायरा एनर्जी की याचिका पर सुनवाई करेगा। एसएपी ने नायरा के परिचालन के लिए महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर सेवाओं को निलंबित कर दिया है।

मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार पिछले साल सितंबर में एसएपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों का हवाला देते हुए सेवाएं निलंबित करने के बाद नायरा एनर्जी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया था।

अदालत ने इस मामले में पहले तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब 16 मार्च को इस याचिका पर सुनवाई करने वाली है।

यूरोपीय संघ ने पिछले साल रूस के साथ संबंधों के चलते नायरा पर प्रतिबंध लगाए थे। नायरा एनर्जी ने अदालत के सामने तर्क दिया कि उसका समझौता एसएपी इंडिया के साथ है, जो एक भारतीय इकाई है, और इसलिए यह ईयू के प्रतिबंधों के अधीन नहीं है। हालांकि, एसएपी इंडिया का तर्क है कि उसकी मूल कंपनी जर्मनी में स्थित है और वह उनके सहयोग के बिना अपनी सेवाएं प्रदान नहीं कर सकती है।

नायरा ने तर्क दिया कि ऐसा करने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा है, क्योंकि कंपनी भारत के पेट्रोलियम के एक महत्वपूर्ण हिस्से का उत्पादन करती है। कंपनी का कहना है कि इस तरह का कदम भारतीय कंपनियों और उनके परिचालन को विदेशी संस्थाओं द्वारा कानून की व्याख्या और उनके अनुप्रयोगों के भरोसे छोड़ देता है।

नायरा की याचिका में एसएपी के इस कदम को ”जरूरी सेवाओं का अचानक, एकतरफा और अवैध निलंबन बताया गया है।”

याचिका में कहा गया कि एसएपी का सॉफ्टवेयर पिछले 18 वर्षों से नायरा के हर परिचालन के साथ पूरी तरह से जुड़ा है और कंपनी किसी अन्य विकल्प को नहीं अपना सकती है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण