फ्यूचर लाइफस्टाइल की दिवाला प्रक्रिया तीन महीने में पूरी करने का एनसीएलएटी का निर्देश

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फ्यूचर लाइफस्टाइल की दिवाला प्रक्रिया तीन महीने में पूरी करने का एनसीएलएटी का निर्देश

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 10:20 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 10:20 PM IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने ‘फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशन’ की दिवाला समाधान प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।

न्यायाधिकरण ने कंपनी की एक पट्टे वाली संपत्ति को खाली कराने की मांग करने वाली एक लेनदार की अपील को खारिज कर दिया।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने पाया कि समाधान पेशेवर (आरपी) का अब भी पट्टे पर ली गई इस संपत्ति पर कब्जा है और इसे मुक्त नहीं किया जा सकता है।

हालांकि, न्यायमूर्ति योगेश खन्ना और अजय दास मेहरोत्रा की दो सदस्यीय पीठ ने समाधान पेशेवर और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से अनुरोध किया कि वे इस पूरी कार्यवाही को जल्द से जल्द निपटाएं और संभव हो तो आज से तीन महीने के भीतर इसे पूरा कर लें।

पीठ ने अपने 18 पन्नों के आदेश में नोट किया कि जिस संपत्ति को लेकर अपील दायर की गई थी, वह एकमात्र ऐसा परिसर है जहां कंपनी का संचालन उसके ‘सेंट्रल’ ब्रांड के तहत जारी है।

कंपनी के कुल कारोबार का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इसी संपत्ति से आता है। अदालत ने कहा कि कंपनी को चालू रखने और दिवाला समाधान प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए इस संपत्ति का कंपनी के पास रहना बेहद जरूरी है।

किशोर बियाणी के नेतृत्व वाले फ्यूचर ग्रुप के खुदरा कारोबार के साम्राज्य में संकट आने से पहले, ‘फ्यूचर लाइफस्टाइल’ देश भर में ‘सेंट्रल’ और ‘ब्रांड फैक्ट्री’ जैसे बड़े स्टोर चेन का संचालन करती थी।

इसके पोर्टफोलियो में ली कूपर, चैंपियन और स्कलर्स जैसे दर्जनों कपड़ों के ब्रांड शामिल थे। बैंक ऑफ इंडिया की याचिका पर चार मई, 2023 को एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने कंपनी के खिलाफ दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू की थी।

भाषा सुमित अजय

अजय