लखनऊ, छह अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता के मामले में दायर याचिका पर सोमवार को विस्तार से सुनवाई की। इस मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
केंद्र सरकार द्वारा मामले को संवेदनशील बताए जाने के बाद सुनवाई न्यायालय कक्ष (चैंबर) में की गई।
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में 28 जनवरी 2026 को लखनऊ की विशेष सांसद/विधायक अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें अदालत ने यह कहते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग खारिज कर दी थी कि नागरिकता का मुद्दा उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और विस्तृत जांच के निर्देश देने की मांग की है।
इससे पहले की सुनवाई में उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता संबंधी शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। साथ ही गृह मंत्रालय से संबंधित अभिलेख भी तलब किए गए थे, जिन्हें अदालत में पेश कर जांचा गया।
यह शिकायत प्रारंभ में रायबरेली की विशेष सांसद/विधायक अदालत में दाखिल की गई थी, जिसे बाद में याचिकाकर्ता के अनुरोध पर 17 दिसंबर 2025 को उच्च न्यायालय ने लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था।
इस मामले की आगे की कार्यवाही जारी है।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत