नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 6,157.57 करोड़ रुपये के कर्ज चूक मामले में वीडियोकॉन के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक वेणुगोपाल धूत के खिलाफ व्यक्तिगत दिवालिया कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है।
एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की तरफ से दायर याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि धूत ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड और वीडियोकॉन टेलीकम्युनिकेशंस लिमिटेड के निजी गारंटर के रूप में कर्ज चुकाने में चूक की है।
न्यायाधिकरण ने आठ अप्रैल को जारी आदेश में कहा कि निजी गारंटर से कर्ज वसूली की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी धूत ने देनदारी नहीं चुकाई, जिससे भुगतान में चूक स्थापित होती है।
इसके साथ ही एनसीएलटी ने आशीष नारायण को कर्ज समाधान पेशेवर नियुक्त किया और उन्हें सात दिन के भीतर सार्वजनिक नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
न्यायाधिकरण ने समाधान पेशेवर को 21 दिन के भीतर पुनर्भुगतान योजना रिपोर्ट के साथ पेश करने के लिए भी कहा।
धूत के खिलाफ यह कार्यवाही दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की धारा 95 के तहत शुरू की गई है।
वेणुगोपाल धूत के दो अन्य भाई- राजकुमार और प्रदीप धूत भी करीब 5,353.78 करोड़ रुपये के कर्ज चूक मामले में पहले से दिवाला कार्यवाही का सामना कर रहे हैं।
इस मामले में एनसीएलटी ने धूत की इस दलील को खारिज कर दिया कि याचिका समय-सीमा से बाहर है।
एनसीएलटी ने यह स्पष्ट किया कि निजी गारंटर के खिलाफ कार्यवाही की समय-सीमा गारंटी दायित्व में चूक की तारीख से शुरू होती है, न कि मूल उधारकर्ता के चूक की तारीख से। इस आधार पर एसबीआई की याचिका स्वीकार की जाती है।
वीडियोकॉन समूह की दो कंपनियों द्वारा लिए गए कर्ज में चूक के बाद यह याचिका दायर की गई थी।
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