श्विक वैमानिकी क्षेत्र में अधिक भारतीय आपूर्तिकर्ताओं की जरूरत : नायडू
श्विक वैमानिकी क्षेत्र में अधिक भारतीय आपूर्तिकर्ताओं की जरूरत : नायडू
नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय विमानन क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए अपार अवसर हैं और वैश्विक वैमानिकी बाजार में अधिक भारतीय आपूर्तिकर्ताओं को शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नायडू ने कहा कि वैश्विक वैमानिकी कंपनियों की भारत के विमानन क्षेत्र में काफी रुचि है। भारतीय विमानन कंपनियों ने 1,600 से अधिक विमानों के ऑर्डर दिए हैं।
उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक सम्मेलन में मंत्री ने कहा कि भारत केवल कलपुर्जों की ‘असेंबली’ का केंद्र नहीं हो सकता, बल्कि यहां कलपुर्जों का ‘डिजाइन’ तैयार करने, उनका प्रमाणन करने और विनिर्माण करने की क्षमता भी विकसित करनी होगी।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है।
सम्मेलन में नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत में विमानों के विनिर्माण के लिए विभिन्न मॉडल पर विचार किया जा रहा है।
बोइंग के भारत एवं दक्षिण एशिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा कि कंपनी हर साल भारत से करीब 14,000 करोड़ रुपये मूल्य के उत्पाद और सेवाएं खरीदती है।
विमान विनिर्माता कंपनी के भारत में करीब 300 आपूर्तिकर्ता हैं, जिनमें से 25 प्रतिशत एमएसएमई हैं।
भारत के वैमानिकी क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए गुप्ते ने कहा कि मुद्दा केवल देश में एयरोस्पेस कलपुर्जों का विनिर्माण करना नहीं है, बल्कि यह है कि इस क्षमता को कितनी तेजी से बढ़ाया जा सकता है।
सीआईआई की राष्ट्रीय वैमानिकी विनिर्माण समिति के चेयरमैन गुप्ते ने भारतीय कंपनियों द्वारा पूर्ण असेंबली और जटिल प्रणालियों का विनिर्माण करने के साथ-साथ बौद्धिक संपदा विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के चेयरमैन विपिन कुमार ने कहा कि देश में तेजी से बढ़ता नागर विमानन क्षेत्र एमएसएमई के लिए अवसर उपलब्ध कराता है। उन्होंने कौशल विकास गतिविधियों के महत्व पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि एएआई के हवाई अड्डे नवाचार के लिए आधार बन सकते हैं। भारत में ही हवाई अड्डों के उपकरणों का डिजाइन, प्रमाणन और विनिर्माण करने के साथ-साथ उनका निर्यात करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने ये बातें सीआईआई ने नागर विमानन मंत्रालय के साथ साझेदारी में आयोजित ‘वॉर्टेक्स 2026’ सम्मेलन में कहीं। सम्मेलन का विषय वैश्विक वैमानिकी आपूर्ति श्रृंखलाओं में एमएसएमई को शामिल करने की राष्ट्रीय पहल था।
भाषा निहारिका
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