यूरोपीय संघ के साथ निवेश संरक्षण, भौगोलिक संकेतक समझौते पर बातचीत जारी: गोयल

यूरोपीय संघ के साथ निवेश संरक्षण, भौगोलिक संकेतक समझौते पर बातचीत जारी: गोयल

यूरोपीय संघ के साथ निवेश संरक्षण, भौगोलिक संकेतक समझौते पर बातचीत जारी: गोयल
Modified Date: July 17, 2026 / 08:12 pm IST
Published Date: July 17, 2026 8:12 pm IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौता पूरा होने के बाद अब प्रस्तावित निवेश संरक्षण समझौते और भौगोलिक संकेतक (जीआई) समझौते पर काम जारी है।

उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते दोनों पक्षों के कारोबारियों के लिए बड़े अवसर खोलेंगे।

गोयल ने भारत-एस्टोनिया व्यापार मंच को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटेन, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) समूह और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों के बाद भारत अब प्रभावी रूप से पूरे यूरोपीय बाजार से जुड़ गया है।

मंत्री आधिकारिक यात्रा पर एस्टोनिया में हैं।

एस्टोनिया उत्तरी यूरोप का बाल्टिक देश है, जो अपनी उन्नत डिजिटल व्यवस्था और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है। यह यूरोपीय संघ, यूरो मुद्रा क्षेत्र और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) का सदस्य है।

गोयल ने कहा, ‘हमने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। अब अगले चरण में दो और समझौते होने हैं- निवेश संरक्षण समझौता और जीआई समझौता। दोनों पर काम जारी है।’

एस्टोनिया के संदर्भ में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के कारोबारियों के लिए शिक्षा, रक्षा, अंतरिक्ष, कौशल विकास और पर्यटन जैसे कई क्षेत्रों में बड़े अवसर मौजूद हैं।

उन्होंने एस्टोनिया से निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि भारत ने निवेशकों के लिए कारोबारी माहौल को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

गोयल ने कहा, ‘हमने पिछले वर्षों में कई सुधार किए हैं। हमारा ध्यान शासन व्यवस्था को सरल बनाने पर है, ताकि कारोबार करना आसान हो सके।’

उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में भारत ने सालाना औसतन करीब 100 अरब डॉलर की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के साथ एक हजार अरब डॉलर से अधिक का विदेशी निवेश आकर्षित किया है। इसके अलावा शेयर बाजार में भी निवेश आया है।

भाषा योगेश रमण

रमण


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