उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने टिकट बुकिंग में ‘डार्क पैटर्न’ को लेकर स्पाइसजेट पर जुर्माना लगाया

उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने टिकट बुकिंग में 'डार्क पैटर्न' को लेकर स्पाइसजेट पर जुर्माना लगाया

उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने टिकट बुकिंग में ‘डार्क पैटर्न’ को लेकर स्पाइसजेट पर जुर्माना लगाया
Modified Date: July 17, 2026 / 08:04 pm IST
Published Date: July 17, 2026 8:04 pm IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने एयरलाइन स्पाइसजेट पर उड़ान बुकिंग मंच पर भ्रामक डिजाइन तरीके ‘डार्क पैटर्न’ अपनाने को लेकर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

सीसीपीए ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि जांच में पाया गया कि ग्राहकों को बिना उनकी स्पष्ट अनुमति के स्पाइसक्लब लॉयल्टी प्रोग्राम में अपने आप शामिल कर दिया जाता था, क्योंकि संबंधित विकल्प ‘पहले से ही चुना’ (प्री-टिक्ड) रहता था। इसी तरह, प्रोत्साहन संदेश पाने के लिए भी ग्राहकों की सहमति पहले से ही मान ली जाती थी।

सीसीपीए ने कहा कि स्पाइसजेट ने नोटिस भेजे जाने के बाद भी इस व्यवस्था में केवल बदलाव का दिखावा किया और एक प्री-टिक्ड विकल्प की जगह दूसरा विकल्प जोड़ दिया, जिससे समस्या बनी रही।

प्राधिकरण ने ‘जबरन सहमति’, ‘इंटरफेस में हस्तक्षेप’ और ‘भ्रामक सवाल’ जैसे डार्क पैटर्न की पहचान की। ‘जबरन सहमति’ में ग्राहकों को जबरन किसी सेवा में शामिल किया जाता है।

दूसरा तरीका ‘इंटरफेस में हस्तक्षेप’ है जिसमें कंपनी अपने पसंदीदा विकल्प को डिफॉल्ट बनाकर ग्राहकों को प्रभावित करती है। वहीं, तीसरा तरीका ‘भ्रामक सवाल’ का है जिसमें उलझाऊ भाषा का इस्तेमाल कर ग्राहक की सहमति ली जाती है।

सीसीपीए के अनुसार, इस तरह की प्रथाएं उपभोक्ताओं की स्वतंत्रता और सही निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करती हैं और निष्पक्ष व्यापार के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

प्राधिकरण ने पाया कि स्पाइसजेट ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और ई-कॉमर्स नियम, 2020 का उल्लंघन किया है। साथ ही, 2023 में जारी डार्क पैटर्न रोकथाम दिशानिर्देशों का भी पालन नहीं किया गया।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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