शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 22 प्रतिशत बढ़कर 9.57 लाख करोड़ रुपये, बजट अनुमान का 52.5 प्रतिशत

शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 22 प्रतिशत बढ़कर 9.57 लाख करोड़ रुपये, बजट अनुमान का 52.5 प्रतिशत

शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 22 प्रतिशत बढ़कर 9.57 लाख करोड़ रुपये, बजट अनुमान का 52.5 प्रतिशत
Modified Date: October 10, 2023 / 08:20 pm IST
Published Date: October 10, 2023 8:20 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) चालू वित्त वर्ष में नौ अक्टूबर तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 21.82 प्रतिशत बढ़कर 9.57 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मुख्य रूप से कंपनियों और व्यक्तिगत करदाताओं की ओर से बेहतर योगदान से शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ा है।

इसके साथ ही शुद्ध संग्रह 18.23 लाख करोड़ रुपये के पूरे साल के बजट अनुमान (बीई) का 52.5 प्रतिशत हो गया है।

मंत्रालय ने बयान में कहा कि नौ अक्टूबर, 2023 तक प्रत्यक्ष कर संग्रह के शुरुआती आंकड़ों में लगातार तेज वृद्धि देखने को मिली।

बयान में कहा गया कि सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 11.07 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 17.95 प्रतिशत अधिक है।

सकल राजस्व संग्रह में कॉरपोरेट आयकर (सीआईटी) और व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) की वृद्धि दर क्रमश: 7.30 प्रतिशत और 29.53 (सिर्फ पीआईटी) प्रतिशत रही। प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को मिलाकर पीआईटी की वृद्धि दर 29.08 प्रतिशत रही।

रिफंड के समायोजन के बाद सीआईटी संग्रह में शुद्ध वृद्धि 12.39 प्रतिशत है और पीआईटी संग्रह में यह वृद्धि 32.51 प्रतिशत (सिर्फ पीआईटी) और 31.85 प्रतिशत (एसटीटी सहित पीआईटी) है।

बयान के मुताबिक, अप्रैल, 2023 से नौ अक्टूबर, 2023 तक 1.50 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया है।

आम बजट 2023-24 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 18.23 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष में जुटाए गए 16.61 लाख करोड़ रुपये से 9.75 प्रतिशत अधिक है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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