शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अबतक 13 प्रतिशत बढ़कर 12.12 लाख करोड़ रुपये पर
शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अबतक 13 प्रतिशत बढ़कर 12.12 लाख करोड़ रुपये पर
नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) सरकार का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में 17 सितंबर तक 13 प्रतिशत बढ़कर 12.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। कॉरपोरेट क्षेत्र से बेहतर अग्रिम कर संग्रह से इसमें वृद्धि हुई।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अग्रिम कर संग्रह 16.18 प्रतिशत बढ़कर करीब 5.22 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें कॉरपोरेट क्षेत्र से अग्रिम कर भुगतान 18 प्रतिशत बढ़कर 4.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक और गैर-कॉरपोरेट क्षेत्र (व्यक्तिगत तथा हिंदू अविभाजित परिवार) से अग्रिम कर संग्रह 9.24 प्रतिशत बढ़कर 1.06 लाख करोड़ रुपये रहा।
सीबीडीटी के आंकड़ों के अनुसार, 17 सितंबर तक कर ‘रिफंड’ 29.19 प्रतिशत बढ़कर 2.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 15 प्रतिशत बढ़कर 14.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
‘रिफंड’ को समायोजित करने के बाद प्रत्यक्ष करों (जिसमें कॉरपोरेट, गैर-कॉरपोरेट कर व प्रतिभूति लेनदेन कर शामिल हैं) का शुद्ध संग्रह 12.96 प्रतिशत बढ़कर 12.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 19.48 प्रतिशत बढ़कर करीब 5.56 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह छह प्रतिशत बढ़कर 6.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। एक अप्रैल से 17 सितंबर के बीच प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह 53 प्रतिशत बढ़कर 40,214 करोड़ रुपये हो गया।
पेशेवर सेवा कंपनी ईवाई इंडिया के कर साझेदार जयेश संघवी ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि कर संग्रह में बढ़ोतरी व्यापक स्तर पर हुई है। गैर-कॉरपोरेट कर अब कुल सकल संग्रह में 48.7 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि कॉरपोरेट कर की हिस्सेदारी 48.5 प्रतिशत है।
ग्रांट थॉर्नटन भारत की कर साझेदार ऋचा सावनी ने कहा कि प्रत्यक्ष कर संग्रह से लगातार अर्थव्यवस्था में अंतर्निहित गतिविधियों और कर आधार की मजबूती का संकेत मिल रहा है। अग्रिम कर भुगतान में लगातार वृद्धि करदाताओं के भरोसे, कारोबार के प्रदर्शन और आय में लगातार वृद्धि की उम्मीद का सकारात्मक संकेत है।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में प्रत्यक्ष कर संग्रह 26.97 लाख करोड़ रुपये रहने का लक्ष्य रखा है। यह वित्त वर्ष 2025-26 में प्राप्त 23.40 लाख करोड़ रुपये से 15 प्रतिशत अधिक है।
भाषा निहारिका रमण
रमण

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