मुंबई, तीन सितंबर (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि बजट में घोषित नया पूर्व-पश्चिम रेल गलियारा महाराष्ट्र के कई ऐसे क्षेत्रों को जोड़ेगा, जो अभी रेल मार्ग से नहीं जुड़े हुए हैं। इससे राज्य के औद्योगिक और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
वैष्णव ने नयी सीएसएमटी-सावंतवाड़ी रोड दैनिक एक्सप्रेस के उद्घाटन कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित करते हुए कहा कि प्रस्तावित सूरत-दनकुनी पूर्व-पश्चिम गलियारे में माल और यात्री सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था होगी। इससे पश्चिमी महाराष्ट्र, नासिक और अन्य क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल में पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल गलियारों को जोड़ने तथा इनके साथ नए औद्योगिक विकास क्षेत्र विकसित करने का सुझाव दिया था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।
वैष्णव ने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल गलियारों का काम पूरा हो चुका है। इससे जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह से देश के उत्तरी, पूर्वी एवं मध्य हिस्सों तक माल की आवाजाही सुगम होगी और महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क पर उन्होंने कहा कि शहर में फिलहाल करीब 3,200 लोकल ट्रेन सेवाएं चल रही हैं। इन सेवाओं में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि से यात्रियों की आवाजाही बेहतर होगी। रेलवे क्षमता बढ़ाने, सिग्नल व्यवस्था में सुधार और नयी पीढ़ी की लोकल ट्रेनें शुरू करने पर काम कर रहा है।
रेल मंत्री ने कहा कि चेन्नई स्थित इंटिग्रल कोच फैक्टरी को 28 वातानुकूलित लोकल ट्रेन बनाने का आदेश दिया गया है और पहली ट्रेन का उत्पादन 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक ऐसी 238 लोकल ट्रेन उपलब्ध होंगी।
वैष्णव ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स-ठाणे समुद्र के नीचे सुरंग खंड में दो सुरंग खुदाई मशीनें एक साथ काम कर रही हैं। इस परियोजना का पहला खंड 2027 में शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि आगामी गणेश उत्सव के दौरान कोंकण के लिए 350 विशेष ट्रेन चलाई जाएंगी और जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाकर 375 की जा सकती है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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