नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) दिल्ली सरकार द्वारा सोमवार को मंजूर की गई नई ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) नीति में मुख्य रूप से चार्जिंग बुनियादी ढांचे के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया है और इसके तहत अगले चार वर्षों में 30,000 चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई इस नीति के इस वर्ष एक जुलाई से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक चार वर्षों के लिए प्रभावी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मजबूत चार्जिंग नेटवर्क इस नीति की सफलता की आधारशिला होगा।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘नीति की अवधि के दौरान पूरी दिल्ली में 30,000 से अधिक ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। आवश्यक भूमि की पहचान पहले ही की जा चुकी है, और आने वाले महीनों में बड़े पैमाने पर पूरे शहर में चार्जिंग बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।’
परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए चार्जिंग बुनियादी ढांचा बेहद महत्वपूर्ण है, और इसलिए, इस नीति में दिल्ली भर में 30,000 से अधिक ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।
सिंह ने कहा, ‘यह नीति वाणिज्यिक परिवहन, यात्री वाहनों, माल वाहकों और स्कूल बस बेड़े को इलेक्ट्रिक करने के लिए एक चरणबद्ध रूपरेखा भी तैयार करती है।’
अधिकारियों ने बताया कि हाल में दिल्ली के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में चार्जिंग बुनियादी ढांचे के विस्तार के मुद्दे पर चर्चा की गई थी, जिसमें 2030 तक 32,000 चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया था।
बैठक में अधिकारियों ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक बस कार्यक्रम (एनईबीपी) और पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत जल्द शामिल की जाने वाली इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग अवसंरचना के विस्तार की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के डिपो में चार्जिंग सुविधाओं के विकास की प्रगति का भी जायजा लिया गया।
परिवहन विभाग समग्र समन्वयक है, और दिल्ली ट्रांस्को लिमिटेड (डीटीएल) ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचा स्थापित करने के संबंध में बारीकी से निगरानी और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नोडल एजेंसी है।
बिजली विभाग ने इससे पहले दिल्ली ईवी नीति 2026 में चार्जिंग बुनियादी ढांचे के लिए विशिष्ट लक्ष्यों को शामिल करने की सिफारिश की थी। परिवहन विभाग ने 2030 तक 32,000 चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की सिफारिश की थी और इसने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में पिछले एक साल में चार्जिंग बुनियादी ढांचे का रिकॉर्ड विस्तार देखा गया, जिससे चार्जिंग पॉइंट की कुल संख्या बढ़कर 10,000 से अधिक हो गई है। इनमें से 3,000 से अधिक पॉइंट पिछले कुछ महीनों में जोड़े गए हैं।
शहर की तीन प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) – बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल ने इस पहल का नेतृत्व किया है।
भाषा नोमान नोमान योगेश
योगेश