सीसीआई ने एआईओसीडी, फार्मा कंपनियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा-विरोधी जांच बंद की

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सीसीआई ने एआईओसीडी, फार्मा कंपनियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा-विरोधी जांच बंद की

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  • Publish Date - June 29, 2026 / 09:43 PM IST,
    Updated On - June 29, 2026 / 09:43 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सोमवार को एआईओसीडी, उससे जुड़ी संस्थाओं और कई फार्मा कंपनियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों के आरोपों की लंबे समय से चल रही जांच बंद कर दी। जांच में प्रतिस्पर्धा कानून का कोई उल्लंघन नहीं पाया गया।

यह मामला ‘ऑल इंडिया ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स’ (एआईओसीडी) और उससे जुड़ी इकाइयों के प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों से जुड़ा था।

इन गतिविधियों में स्टॉकिस्ट नियुक्त करने के लिए ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ (एनओसी) या ‘सहमति परिपत्र’ (एनओसी) को अनिवार्य बनाना, दवाएं पेश करने के लिए ‘उत्पाद सूचना सेवा’ (पीआईएस) शुल्क लगाना, व्यापार मार्जिन तय करना और फार्मास्युटिकल कंपनियों का बहिष्कार करना शामिल था।

महानिदेशक (डीजी) की जांच की समीक्षा के बाद, सीसीआई ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि स्टॉकिस्ट की नियुक्ति के लिए एनओसी या एलओसी अनिवार्य थे या फार्मास्युटिकल उत्पादों को पेश करने के लिए पीआईएस शुल्क का भुगतान एक पूर्व-शर्त थी।

नियामक को ऐसा कोई सबूत भी नहीं मिला जिससे एआईओसीडी या उससे जुड़ी संस्थाओं द्वारा सन फार्मा, फाइजर, ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन और टोरेंट फार्मास्युटिकल्स जैसी दवा कंपनियों के खिलाफ संगठित या व्यवस्थित बहिष्कार के आरोपों की पुष्टि हो सके। भाषा राजेश राजेश अजय

अजय