नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने ऑडिट गुणवत्ता, आश्वासन और प्रौद्योगिकी से जुड़े मामलों पर सलाह देने के लिए नौ-सदस्यीय सलाहकार समिति का गठन किया है।
एनएफआरए ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि समिति में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पूर्व डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ और बाजार नियामक सेबी के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण समेत विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं।
समिति में पेशेवरों, मुख्य वित्तीय अधिकारियों (सीएफओ), ऑडिट समितियों, स्वतंत्र निदेशकों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, नियामकों और उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व है।
समिति ऑडिट, गुणवत्ता नियंत्रण और गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े मानकों तथा संबंधित आश्वासन एवं समीक्षा मानकों और लागू नैतिक नियमों के क्रियान्वयन तथा उनके एकरूप इस्तेमाल पर सलाह देगी।
यह ऑडिट के ऐसे क्षेत्रों, उद्योगों और उभरते जोखिमों की पहचान पर भी सुझाव देगी, जिन पर विषयगत या क्षेत्रवार ध्यान देने की जरूरत हो सकती है।
एनएफआरए ने कहा कि समिति ऑडिट में डेटा विश्लेषण, स्वचालन, कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग के इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों और व्यावहारिक दिक्कतों पर भी सलाह देगी।
इसके अलावा, साइबर सुरक्षा और क्लाउड से जुड़े जोखिमों, ऑडिट दस्तावेजों की गोपनीयता एवं शुद्धता और ग्राहकों के आंकड़ों की सुरक्षा पर भी सुझाव देगी।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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