मुंबई, चार सितंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि वह बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी कम करने के लिए सात सितंबर को 30 दिन की ‘परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो’ (वीआरआरआर) नीलामी करेगा। इसके तहत सात लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि स्वीकार की जाएगी।
आरबीआई की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक, यह नीलामी सात सितंबर को सुबह 9.30 बजे से 10 बजे के बीच होगी और राशि की वापसी सात अक्टूबर को की जाएगी।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में नकदी की मौजूदा और बदलती स्थिति की समीक्षा के बाद यह नीलामी करने का फैसला किया गया है। तीन सितंबर तक बैंकिंग प्रणाली में करीब 10.32 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी मौजूद थी।
वीआरआरआर नीलामी के तहत आरबीआई बैंकों की अतिरिक्त नकदी कुछ समय के लिए अपने पास लेकर उस पर ब्याज देता है।
आरबीआई ने कहा कि नीलामी में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को समय से पहले पूरी या आंशिक राशि वापस लेने का विकल्प भी दिया जाएगा। इसके लिए मूल वापसी की तारीख से कम-से-कम दो कार्यदिवस पहले अनुरोध किया जा सकेगा।
आरबीआई ने शुक्रवार को दो वीआरआरआर नीलामियों के जरिये बैंकिंग प्रणाली से 6.02 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त नकदी हटाई। बैंकिंग प्रणाली में नकदी की अधिकता मुख्य रूप से विशेष एफसीएनआर(बी) (विदेशी मुद्रा प्रवासी-बैंक) जमा योजना के तहत बड़े पैमाने पर आई विदेशी मुद्रा के बाद बढ़ी है।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक उसकी विशेष विदेशी मुद्रा योजनाओं के जरिये 136.38 अरब डॉलर जुटाए गए थे। इसमें एफसीएनआर(बी) जमा के जरिये 127.23 अरब डॉलर, ओएफसीबी (विदेशों से विदेशी मुद्रा उधारी) के जरिये 5.26 अरब डॉलर और ईसीबी (बाह्य वाणिज्यिक उधारी) के जरिये जुटाए गए 3.89 अरब डॉलर शामिल हैं।
आरबीआई ने इस साल अगस्त से सितंबर की शुरुआत तक 32 वीआरआरआर नीलामियां की हैं, जिनकी अवधि एक दिन से 14 दिन तक रही है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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