नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) निजी क्षेत्र के आरबीएल बैंक ने बुधवार को कहा कि उसे वित्त वर्ष 2022-23 में कथित तौर पर गलत रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के मामले में 173.08 करोड़ रुपये से अधिक के माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की मांग को लेकर कारण बताओ नोटिस मिला है।
बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘नोटिस में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए ब्याज और जुर्माने सहित 1,73,08,68,535 रुपये के जीएसटी की मांग की गयी है। यह मांग बैंक के डिजिटल बैंकिंग कारोबार इकाई के लिए अलग से लिए गए जीएसटी पंजीकरण के तहत प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित है।’’
आरबीएल बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि वह महाराष्ट्र राज्य माल एवं सेवा कर प्राधिकरण से मिले कारण बताओ नोटिस पर अपना जवाब दाखिल करेगा।
बैंक ने कहा कि उसके पास इस मामले को तथ्यों और गुण-दोष के आधार पर चुनौती देने के पर्याप्त आधार हैं। इसी तरह के मामले में वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए जीएसटी प्राधिकरण से उसके पक्ष में आदेश मिल चुके हैं।
उसने कहा, ‘‘वर्तमान आकलन और वित्त वर्ष 2018-19 तथा 2019-20 में इसी तरह के मामले में जीएसटी प्राधिकरण से मिले अनुकूल आदेशों को देखते हुए, फिलहाल बैंक को उम्मीद नहीं है कि इस मामले का उसकी वित्तीय स्थिति, कारोबार या लाभ पर कोई महत्वपूर्ण प्रतिकूल असर पड़ेगा।’’
भाषा रमण अजय
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