शेयर बाजारों को अपने शेयर में खुद कारोबार की अनुमति देने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं:सेबी प्रमुख

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शेयर बाजारों को अपने शेयर में खुद कारोबार की अनुमति देने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं:सेबी प्रमुख

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  • Publish Date - September 30, 2026 / 05:10 PM IST,
    Updated On - September 30, 2026 / 05:10 PM IST

मुंबई, 30 सितंबर (भाषा) बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) शेयर बाजारों को अपने शेयरों में खुद कारोबार करने की अनुमति देने के किसी प्रस्ताव पर फिलहाल विचार नहीं कर रहा है।

सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने ‘एसोसिएशन ऑफ पोर्टफोलियो मैनेजर्स इन इंडिया’ के वार्षिक सम्मेलन-2026 से इतर बुधवार को कहा, ‘‘ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। अगर ऐसा होता है या जब भी होगा, आपको इसकी जानकारी मिल जाएगी। इसलिए फिलहाल ऐसी कोई बात नहीं है।’’

सेबी चेयरमैन से इस संबंध में एक सवाल पूछा गया था। कुछ खबरों में दावा किया गया था कि बाजार नियामक यह जांचने के लिए एक समिति गठित करने पर विचार कर रहा है कि क्या बीएसई और एनएसई जैसे शेयर बाजारों को भविष्य में अपने ही शेयरों में कारोबार करने की अनुमति दी जा सकती है।

बॉण्ड सूचकांक और वायदा-विकल्प के बारे में पांडेय ने कहा कि सेबी और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) दिशानिर्देशों के मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हां, मेरा मानना है कि उन्होंने कुछ मसौदा दिशानिर्देश तैयार किए हैं और टिप्पणियां मांगी हैं। हम आरबीआई के साथ इन्हें अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।’’

पांडेय ने हालांकि, दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने की कोई समयसीमा बताने से इनकार करते हुए कहा कि इसके लिए आरबीआई से जानकारी लेनी होगी।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को आकर्षित करने के बारे में पांडेय ने कहा कि सेबी और आरबीआई पंजीकरण तथा नए निवेशकों को जोड़ने की प्रक्रिया को तेज, सुगम एवं डिजिटल बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सेबी ने एनएसडीएल मंच में बदलाव किया है और एफपीआई के लिए ‘इंडिया मार्केट एक्सेस’ मंच शुरू किया है। इसके अलावा एक साझा आवेदन मंच भी शुरू किया गया है, जिसके जरिये आवेदक अपने आवेदनों की स्थिति देख सकते हैं।

पांडेय ने कहा कि सेबी डिजिटल हस्ताक्षर समेत डिजिटल तरीके से निवेशकों को जोड़ने को भी प्रोत्साहित कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘अपने ग्राहक को जानिये यानी केवाईसी प्रक्रिया को भी अधिक सुगम बनाया जा रहा है।’’

‘सतत सूचीबद्ध से जुड़ी आवश्यकताओं’ के बारे में पांडेय ने कहा कि शेयर बाजारों को अनुपालन सुनिश्चित करने के प्रयास उचित तरीके से करने चाहिए, क्योंकि निवेशकों को यह भरोसा होना जरूरी है कि सूचीबद्ध कंपनियां वास्तव में सूचीबद्ध इकाइयां हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक प्रक्रिया है लेकिन हमने कहा है कि इसे उचित तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि आखिरकार निवेशक हैं और निवेशकों को यह भरोसा होना चाहिए कि ये सूचीबद्ध कंपनियां वास्तव में वही सूचीबद्ध कंपनियां हैं।’’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेबी प्रमुख ने यह भी कहा कि स्वतंत्र कोष प्रबंधक निवेश पेशेवरों और उद्यमी प्रतिभाओं के लिए किसी स्थापित ‘पोर्टफोलियो’ प्रबंधक के साथ काम करने की जगह बना सकते हैं। साथ ही जवाबदेही स्पष्ट रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजीकृत ‘पोर्टफोलियो’ प्रबंधक स्वतंत्र कोष प्रबंधक की गतिविधियों की जिम्मेदारी लेते रहेंगे।

सेबी प्रमुख ने यह भी कहा कि प्रौद्योगिकी निवेश संबंधी निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ा सकती है लेकिन जवाबदेही किसी और को नहीं सौंपी जा सकती।

उन्होंने कहा कि डेटा की गुणवत्ता, मॉडल का संचालन, साइबर सुरक्षा और ग्राहकों की जानकारी की सुरक्षा महत्वपूर्ण हैं। ‘पोर्टफोलियो’ की जवाबदेही अंततः किसी इंसान की होनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि जिम्मेदारी किसकी है।

भाषा निहारिका अजय

अजय