डब्ल्यूईएफ की अग्रणी प्रौद्योगिकी फर्मों की सूची में नौ भारतीय स्टार्टअप शामिल

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डब्ल्यूईएफ की अग्रणी प्रौद्योगिकी फर्मों की सूची में नौ भारतीय स्टार्टअप शामिल

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  • Publish Date - June 10, 2026 / 03:51 PM IST,
    Updated On - June 10, 2026 / 03:51 PM IST

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों की अपनी सूची में भारत की नौ स्टार्टअप फर्मों को जगह दी है जो अंतरिक्ष, जलवायु एवं गहन प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि 23 देशों की शुरुआती चरण वाली 100 स्टार्टअप फर्मों की ‘टेक्नोलॉजी पायनियर्स’ सूची में वे कंपनियां शामिल हैं जो कृत्रिम मेधा (एआई) के अगले दौर के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा और उन्नत प्रौद्योगिकी विकसित कर रही हैं।

मंच ने कहा, ‘इस समूह की खास बात यह है कि इसका ध्यान कृत्रिम मेधा (एआई) के अगले दौर को सक्षम बनाने पर है। हाल के वर्षों में एआई में प्रगति मुख्य रूप से मॉडल और उपभोक्ता अनुप्रयोग तक सीमित रही है, लेकिन ‘टेक्नोलॉजी पायनियर्स’ में शामिल कई स्टार्टअप अब ऐसे सॉफ्टवेयर और भौतिक ढांचे विकसित कर रहे हैं, जो एआई को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए जरूरी हैं।’

इस सूची में शामिल भारतीय स्टार्टअप में ‘ध्रुव स्पेस’ छोटे उपग्रह प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है, जबकि ‘वराह’ सुदूर संवेदी और ब्लॉकचेन के जरिए कृषि आधारित जलवायु समाधान पर काम कर रहा है।

‘बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस’ अंतरिक्ष में गतिशीलता के लिए प्रणोदन प्रौद्योगिकी विकसित कर रहा है, वहीं ‘इथिरीयल एक्सप्लोरेशन गिल्ड’ दोबारा इस्तेमाल के लायक प्रक्षेपण वाहन बना रहा है।

इसके अलावा ‘एयरबाउंड’ ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए रक्त एवं जरूरी दवाइयों की आपूर्ति कर रहा है। ‘ऑर्बिटऐड’ उपग्रह की मरम्मत और रीफ्यूलिंग जैसी ऑन-ऑर्बिट सेवाएं विकसित कर रहा है, जबकि ‘सरला एविएशन’ शहरी हवाई गतिशीलता के लिए इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग विमान बना रहा है।

इसी तरह ‘फर्मोबॉक्स बॉयो’ बायो फर्मेंटेशन आधारित जैव-विनिर्माण के जरिए वैकल्पिक प्रोटीन और रसायन तैयार कर रहा है। वहीं, बॉर्डरप्लस स्वास्थ्य पेशेवरों को तेजी से बढ़ते अंतरराष्ट्रीय अवसरों तक पहुंच बनाने में सहायता कर रहा है।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों की सूची में शामिल भारतीय स्टार्टअप फर्मों की कुल संख्या अब 28 तक पहुंच गई है। इनमें अग्निकुल कॉस्मोस, पिक्सेल, क्रोपिन, दिगंतरा, गैलेक्सआई, निरामई एवं सर्वम एआई पहले से ही मौजूद हैं।

इस साल की सूची में शामिल प्रौद्योगिकी स्टार्टअप फर्मों में सर्वाधिक 43 कंपनियां अमेरिका की हैं। चीन (10), ब्रिटेन (आठ), जापान (पांच) और दक्षिण कोरिया (चार) भी प्रमुख योगदानकर्ताओं में हैं।

वर्ष 2000 में शुरू किया गया ‘टेक्नोलॉजी पायनियर्स’ कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर शुरुआती चरण की उन कंपनियों का मंच है, जो उभरती प्रौद्योगिकी के जरिए उद्योग और समाज पर व्यापक प्रभाव डालने की क्षमता रखती हैं।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि सूची में चयनित कंपनियों को सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के दिग्गजों के साथ वैश्विक मंच पर जुड़ने का अवसर मिलता है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण