अब दस करोड़ रुपये तक के व्यक्तिगत कर्ज को मिलेगा कम जोखिम भार का लाभ
अब दस करोड़ रुपये तक के व्यक्तिगत कर्ज को मिलेगा कम जोखिम भार का लाभ
मुंबई, 27 अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को पूंजी शुल्क पर अंतिम दिशानिर्देशों में व्यक्तिगत ऋण जोखिम की सीमा को 7.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया। इसके बाद अब इतनी राशि तक के व्यक्तिगत कर्ज कम जोखिम भार का लाभ उठा सकेंगे।
केंद्रीय बैंक ने सोमवार को जारी ‘बेसल -3 पर अंतिम निर्देश – मानकीकृत दृष्टिकोण के तहत कर्ज जोखिम के लिए पूंजी शुल्क’ मानदंडों में कहा कि अक्टूबर में मसौदा जारी होने के बाद उसे व्यक्तिगत काउंटरपार्टी के अधिकतम कुल जोखिम सीमा को बढ़ाने के अनुरोध मिल थे, ताकि उन्हें ‘नियामक खुदरा’ के रूप में वर्गीकृत किया जा सके।
इस सुझाव को स्वीकार करते हुए आरबीआई ने कहा, ”अन्य पात्रता मानदंडों को पूरा करने के अधीन, नियामक खुदरा के रूप में वर्गीकरण के लिए पात्र जोखिम राशि की सीमा बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है।”
संशोधित ढांचा एक अप्रैल, 2027 से लागू होगा और इसके तहत बड़े बिना रेटिंग वाले कॉरपोरेट और एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) जोखिम के लिए भी सीमा को पहले प्रस्तावित 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण

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