दिल्ली के व्यापारियों ने कहा, अब हम नकद भुगतान को बढ़ावा देंगे

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दिल्ली के व्यापारियों ने कहा, अब हम नकद भुगतान को बढ़ावा देंगे

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  • Publish Date - September 16, 2026 / 05:19 PM IST,
    Updated On - September 16, 2026 / 05:19 PM IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार के 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने वाले फैसले के बाद दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने अतिरिक्त लागत से बचने के लिए ग्राहकों के बीच नकद भुगतान को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।

सरकार ने मंगलवार को बड़े डिजिटल कारोबारी भुगतान के लिए एक नयी व्यवस्था के तहत यह शुल्क लागू किया है। इसके साथ ही जनवरी, 2020 से लागू शून्य ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) व्यवस्था समाप्त हो गई और 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये होगा।

कमला नगर मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की सरकार की पहल का समर्थन किया था, लेकिन अगर उन्हें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ा तो वे नकद भुगतान को प्रोत्साहित करेंगे।

गुप्ता ने कहा, ‘‘हम पहले से ही लेनदेन शुल्क और 18 प्रतिशत जीएसटी (माल एवं सेवा कर) दे रहे हैं। अब अगर सरकार हमसे यूपीआई एमडीआर भी वसूलती है तो हम नकद भुगतान को बढ़ावा देंगे। जब सरकार यूपीआई भुगतान लेकर आई थी, तब हमने इसका समर्थन किया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर यूपीआई लेनदेन पर भी शुल्क लगाया जाता है तो हम इसका समर्थन नहीं करेंगे और नकद भुगतान को बढ़ावा देना शुरू करेंगे।’’

गुप्ता ने दुकानदारों और व्यापारियों से नकद भुगतान को प्रोत्साहित करने की अपील की।

नयी दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव अमित गुप्ता ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क के इस निर्णय के बाद अब कम मुनाफे पर काम करने वाले व्यापारियों के लिए यूपीआई भुगतान महंगा विकल्प बन जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यूपीआई को व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए डिजिटल भुगतान सुगम बनाने के लिए शुरू किया गया था। अगर अब 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर व्यापारियों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा तो उनमें से कई नकद भुगतान को प्राथमिकता देंगे। हमें डिजिटल भुगतान से कोई समस्या नहीं है, लेकिन अतिरिक्त लागत व्यापारियों पर नहीं डाली जानी चाहिए।’’

खान मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने कहा कि व्यापारी पहले से ही क्रेडिट कार्ड लेनदेन पर एमडीआर का विरोध कर रहे हैं और अब उन्हें यूपीआई भुगतान पर भी शुल्क का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि बड़े भुगतान के लिए व्यापारी थोक विक्रेताओं और अन्य कारोबारियों को चेक तथा बैंकिंग माध्यमों के इस्तेमाल पर भी विचार करेंगे।

सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा इससे दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान लेने वाले छोटे, मझोले और थोक कारोबारियों के लिए लागत बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि किसी भुगतान पर छोटा शुल्क भी एक महीने या पूरे साल के दौरान बड़ा खर्च बन सकता है।

कमला नगर के खुदरा दुकानदार रजत जैन ने कहा कि नया शुल्क खासतौर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज के आसपास स्थित दुकानों के लिए परेशानी पैदा करेगा

भाषा यासिर अजय

अजय