मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) देश के सबसे बड़े शेयर बाजार एनएसई ने शुक्रवार को अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का अंतिम खाका पेश किया। मौजूदा शेयरधारक अब 12.64 करोड़ शेयरों की ही बिक्री पेशकश करेंगे जबकि निर्गम के लिए 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया गया है।
आईपीओ पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित है। इसके जरिये 21,494 करोड़ रुपये से लेकर 22,569 करोड़ रुपये तक जुटाए जाने की उम्मीद है। आम निवेशकों के लिए निर्गम 17 सितंबर को खुलकर 21 सितंबर को बंद होगा, जबकि बाजार सूचीबद्धता 24 सितंबर को होने की संभावना है।
मौजूदा शेयरधारकों ने पहले 14.9 करोड़ शेयर बेचने का संकेत दिया था, लेकिन अब बिक्री के लिए पेश किए जाने वाले शेयरों की संख्या घटाकर 12.64 करोड़ कर दी गई है।
एनएसई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक आशीषकुमार चौहान ने कहा कि दीर्घकालिक शेयरधारकों ने इस साल की शुरुआत में मसौदा प्रस्ताव दाखिल करते समय अधिक शेयर बेचने के संकेत दिए थे लेकिन बाद में इनकी संख्या कम कर दी गई।
उन्होंने संभावना जताई कि शेयरधारकों ने भविष्य में संभावित लाभ में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने के मकसद से ऐसा किया हो।
चौहान ने कहा कि एनएसई को सलाह देने वाले 20 मर्चेंट बैंकरों की टीम ने विचार-विमर्श और दुनियाभर में जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के बाद मूल्य दायरा तय करने की सलाह दी।
एनएसई का आईपीओ ऐसे समय आ रहा है जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। यह 21,494-22,569 करोड़ रुपये के आकार के साथ भारत का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ होगा। दक्षिण कोरियाई वाहन कंपनी हुंदै मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का निर्गम सबसे बड़ा था। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने 21,000 करोड़ रुपये जुटाए थे।
रिलायंस की इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स भी मौजूदा त्योहारी मौसम में 37,700 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है।
चौहान ने कहा कि एनएसई के शेयरों को उसके अपने मंच पर सूचीबद्ध करने के मुद्दे पर उसने बाजार नियामक सेबी से अब तक कोई मंजूरी नहीं मांगी है।
आईपीओ में पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत, गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए 15 प्रतिशत और खुदरा निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित होगा।
आईपीओ की मंजूरी संबंधी दस्तावेज आरएचपी के अनुसार, मौजूदा शेयरधारकों ने भी अपनी प्रस्तावित बिक्री घटाई है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी बिक्री 2.47 करोड़ शेयरों से घटाकर करीब 1.60 करोड़ शेयर कर दी है, जबकि एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड ने इसे 1.6 करोड़ से घटाकर 1.1 करोड़ शेयर कर दिया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने भी अपनी प्रस्तावित शेयर बिक्री घटाई है। वहीं, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड आरएचपी में नया बिक्री शेयरधारक है।
पूरी तरह बिक्री पेशकश पर आधारित होने से निर्गम में शेयर बिक्री से मिलने वाली पूरी राशि मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी और एनएसई को इससे कोई राशि नहीं मिलेगी।
बाजार नियामक सेबी द्वारा पिछले सप्ताह निर्गम आगे बढ़ाने की मंजूरी दिए जाने के बाद एनएसई का आईपीओ आया है। ‘को-लोकेशन’ यानी कुछ कारोबारियों को तेजी से सूचना मिलने से जुड़े विवाद समेत विभिन्न नियामकीय अड़चनों के कारण उसकी सूचीबद्धता योजना करीब एक दशक से अटकी हुई थी।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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