पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित

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पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 08:57 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 08:57 PM IST

नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की देशव्यापी हड़ताल के कारण शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेवाएं प्रभावित हुईं। कर्मचारी संगठनों ने पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह तत्काल लागू करने और वेतन संबंधी लंबित मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर हड़ताल का आह्वान किया था।

हड़ताल के कारण देशभर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अधिकतर शाखाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रहीं। नकद जमा और निकासी, चेक निपटान तथा प्रशासनिक कामकाज जैसी सेवाएं प्रभावित हुईं। हालांकि, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग समेत डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं।

हालांकि, निजी क्षेत्र के बैंकों के कामकाज पर इस हड़ताल का असर नहीं पड़ा।

यूएफबीयू सात बैंक यूनियनों का शीर्ष संगठन है और बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कुल संख्या के करीब 90 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है।

मध्य प्रदेश, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश समेत विभिन्न हिस्सों से बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की खबरें आईं। मध्य प्रदेश बैंक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहनकृष्ण शुक्ला ने पीटीआई-भाषा से कहा कि राज्य की 8,707 बैंक शाखाओं में से करीब 7,000 शाखाओं के लगभग 42,000 कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए।

हिमाचल प्रदेश में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। यूएफबीयू के राज्य संयोजक नरेंद्र शर्मा और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी) के राज्य अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने शिमला में जारी बयान में कहा कि बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करने को मजबूर हुए।

झारखंड में भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेवाएं प्रभावित रहीं। बैंक ऑफ इंडिया एम्प्लॉईज यूनियन, झारखंड के उप महासचिव उमेश दास ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों, भारतीय स्टेट बैंक और ग्रामीण बैंकों की शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक निपटान और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए।

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन के महासचिव रूपम रॉय ने कहा कि यदि सरकार मांगों पर विचार नहीं करती है तो 28 सितंबर से तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।

यूएफबीयू के घटक संगठन ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि सरकार की ओर से सकारात्मक नतीजा नहीं आने के कारण हड़ताल करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।

सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकतर बैंकों ने ग्राहकों को हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित होने की आशंका के बारे में सूचित किया था। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने कहा था कि उसने शाखाओं और कार्यालयों का सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन हड़ताल के कारण सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

कर्मचारी यूनियन सभी शनिवार को बैंक अवकाश घोषित करने की मांग कर रही हैं। यह मांग मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के साथ हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में कथित तौर पर स्वीकार की गई थी, लेकिन इस संबंध में सरकार की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। फिलहाल बैंक महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं।

भाषा पाण्डेय प्रेम

प्रेम

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