देश में 2030 तक गिग कर्मियों की संख्या बढ़कर 1.7-2.1 करोड़ होने का अनुमान: रेडसीर

देश में 2030 तक गिग कर्मियों की संख्या बढ़कर 1.7-2.1 करोड़ होने का अनुमान: रेडसीर

देश में 2030 तक गिग कर्मियों की संख्या बढ़कर 1.7-2.1 करोड़ होने का अनुमान: रेडसीर
Modified Date: July 16, 2026 / 09:50 pm IST
Published Date: July 16, 2026 9:50 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) देश में ई-कॉमर्स जैसे मंचों के लिए काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों यानी गिग वर्कर्स की संख्या 2030 तक करीब तीन गुना होकर 1.7 से 2.1 करोड़ होने का अनुमान है। वर्तमान में यह संख्या लगभग 60 लाख है। एक रिपोर्ट में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई।

रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की ‘गिग इंटरनेट वर्कफोर्स इन इंडिया: ब्रिज टू 20 मिलियन लाइवलीहुड्स’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, डिलिवरी, कैब सेवाएं और घरेलू सेवाएं प्रदान करने वाले डिजिटल मंच केवल लचीले काम का जरिया नहीं रह गए हैं, बल्कि उससे आगे निकल चुके हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारत में हर महीने सक्रिय रहने वाले डिजिटल अस्थायी कर्मचारियों की संख्या आज के 60 लाख से अधिक से बढ़कर 2030 तक 1.7-2.1 करोड़ होने का अनुमान है। सर्वेक्षण में शामिल 54 प्रतिशत कर्मचारी इन मंचों से जुड़ने से पहले किसी सवैतनिक रोजगार में नहीं थे।’’

रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक अनुमानित गिग श्रमिकों में से 30 प्रतिशत से अधिक ऐसे होने की उम्मीद है जो पहली बार कार्यबल में शामिल होंगे।

इसमें पाया गया कि पूरे समय काम करने वाले अस्थायी कर्मचारी, इसी तरह के अन्य औपचारिक और अनौपचारिक व्यवसायों की तुलना में 2.5 गुना अधिक मासिक शुद्ध आय कमाते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘सर्वेक्षण में शामिल लगभग 70 प्रतिशत कर्मचारियों का मानना है कि गिग मंचों के अनुभव से भविष्य में उनकी कमाई के अवसर बेहतर होते हैं। वहीं, 90 प्रतिशत से अधिक मासिक सक्रिय अस्थायी कर्मचारी अंशकालिक (पार्ट-टाइम) काम चुनते हैं, जो इस क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है।’’

भाषा

योगेश अजय

अजय


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