मंडियों में आवक घटने से तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

मंडियों में आवक घटने से तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

मंडियों में आवक घटने से तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
Modified Date: February 28, 2025 / 08:40 pm IST
Published Date: February 28, 2025 8:40 pm IST

नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) मंडियों में आवक घटने के कारण घरेलू बाजार में शुक्रवार को सभी तेल-तिलहनों के दाम में सुधार देखने को मिला और तेल कीमतें मजबूती के साथ बंद हुई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि दाम में सुधार के बावजूद हाजिर बाजार में मूंगफली और सोयाबीन तिलहन, अपने-अपने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 15-20 प्रतिशत नीचे दाम पर ही बिक रहे हैं। ऐसा कुल कारोबारी धारणा के मंदा रहने के कारण है जिसे नेफेड द्वारा सोयाबीन की बिक्री की खबरों ने हवा दी है।

मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे लगभग एक प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में घट-बढ़ चल रहा है।

सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों, मूंगफली, सोयाबीन और बिनौला की आवक घटी है। दिल्ली के नजफगढ़ मंडी में सरसों की आवक पहले के 800-1,000 बोरी से घटकर आज 400-500 बोरी रह गई। नये सरसों का एमएसपी 5,950 रुपये क्विंटल है और नजफगढ़ मंडी में नयी सरसों 5,970 रुपये क्विंटल के भाव तक बिकी है। इस वजह से सरसों तेल-तिलहन में सुधार है।

सूत्रों ने कहा कि सहकारी संस्थायें किसानों से हाल में खरीदी गयी सोयाबीन फसल बेचती है तो उसे बाजार दाम से 400-500 रुपये ऊंचे दाम पर बेचना चाहिये और इस कोशिश से बाजार की धारणा भी नहीं बिगड़ेगी। इससे सरकार को भी नुकसान नहीं होगा और किसान भी आगे सोयाबीन बुवाई के लिए उत्साहित बने रहेंगे।

जिस तरह इस बार उत्पादन बढ़ने के बावजूद देश में किसान, सोयाबीन फसल का उचित दाम पाने को तरस गये, वह एक गंभीर चिंता का विषय है। इसके बारे में खाद्यतेल की कमी वाले इस देश के तेल-विशेषज्ञों, आलोचकों, तेल संगठनों के पदाधिकारियों को विचार करना चाहिये और सरकार को ऐसा परामर्श देना चाहिये जिससे देश में तेल तिलहन उत्पादन तो बढ़े ही, उसके साथ इन देशी तेल-तिलहनों का बाजार भी विकसित हो।

सूत्रों ने कहा कि सभी खाद्यतेलों से सस्ता होने के कारण बिनौला तेल की भी काफी मांग है। मार्च-अप्रैल के दौरान होली, नवरात्र, रमजान जैसे त्योहारों के कारण सभी खाद्यतेलों की मांग बढ़ जाती है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,275-6,375 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 5,600-5,925 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 14,300 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,200-2,500 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,360-2,460 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,360-2,485 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 4,225-4,275 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,925-3,975 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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