ओएनजीसी ने महानदी बेसिन में पहले गहरे समुद्री खोजी कुएं की ड्रिलिंग शुरू की

ओएनजीसी ने महानदी बेसिन में पहले गहरे समुद्री खोजी कुएं की ड्रिलिंग शुरू की

ओएनजीसी ने महानदी बेसिन में पहले गहरे समुद्री खोजी कुएं की ड्रिलिंग शुरू की
Modified Date: July 25, 2026 / 05:26 pm IST
Published Date: July 25, 2026 5:26 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की तेल-गैस कंपनी ओएनजीसी ने शनिवार को ओडिशा तट के पास महानदी अपतटीय बेसिन में अपने पहले गहरे समुद्री खोजी कुएं की ड्रिलिंग शुरू कर दी।

यह भारत में गहरे और बहुत गहरे समुद्री हाइड्रोकार्बन संसाधनों के दोहन के लिए एक महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत माना जा रहा है।

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने एक बयान में कहा कि उसने सरकार के ‘समुद्र मंथन’ मिशन के तहत एमएन-डीडब्ल्यू18-1-एच-डी नामक खोजी कुएं की ड्रिलिंग शुरू की है। यह कुआं ओडिशा तट से दूर कोणार्क खोज क्षेत्र से लगभग 23 समुद्री मील की दूरी पर स्थित है।

हाल के उत्कल और कोणार्क खोजों ने महानदी अपतटीय बेसिन में हाइड्रोकार्बन संभावनाओं को मजबूत किया है और यह ड्रिलिंग अभियान उसी दिशा में आगे की कड़ी है। कंपनी ने कहा कि यह पहल देश के अपतटीय तेल और गैस भंडार के अन्वेषण को तेज करने के प्रयासों का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में देश की अप्रयुक्त अपतटीय हाइड्रोकार्बन क्षमता के दोहन पर जोर दिया था। इसी दृष्टि के अनुरूप सरकार ने करीब 10 लाख वर्ग किलोमीटर अपतटीय क्षेत्रों को अन्वेषण के लिए खोल दिया है, जिससे मुक्त क्षेत्र लाइसेंस नीति (ओएएलपी) के आगामी चरणों में नए ब्लॉकों की पेशकश का रास्ता साफ हुआ है।

अनुमान है कि देश के पूर्वी और पश्चिमी अपतटीय बेसिन में 560 करोड़ टन तेल समतुल्य (एमएमटीओई) से अधिक हाइड्रोकार्बन संसाधन मौजूद हैं। कावेरी, महानदी और अंडमान बेसिन में हाल की खोजों ने अपतटीय अन्वेषण की संभावनाओं को और मजबूत किया है।

कंपनी ने कहा, “यह ड्रिलिंग भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण गहरे समुद्री अन्वेषण अभियानों में से एक की शुरुआत है। प्रत्येक खोज और उत्पादन देश में घरेलू आपूर्ति बढ़ाने, आयात निर्भरता घटाने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान देगी।”

भाषा योगेश प्रेम

प्रेम


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