केवल 20 प्रतिशत उपभोक्ता ही कर पा रहे हैं विवेकाधीन खपतः रिपोर्ट

केवल 20 प्रतिशत उपभोक्ता ही कर पा रहे हैं विवेकाधीन खपतः रिपोर्ट

केवल 20 प्रतिशत उपभोक्ता ही कर पा रहे हैं विवेकाधीन खपतः रिपोर्ट
Modified Date: November 29, 2022 / 08:45 pm IST
Published Date: October 2, 2022 5:06 pm IST

मुंबई, दो अक्टूबर (भाषा) महामारी काल में अमीरों के और ज्यादा संपन्न होने की धारणा की एक अध्ययन ने पुष्टि करते हुए कहा है कि सिर्फ 20 प्रतिशत आबादी ही विवेकाधीन उपभोग कर पा रही है जबकि बाकी आबादी अब भी महामारी के प्रभावों से उबरने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं।

यूबीएस सिक्योरिटीज इंडिया की मुख्य अर्थशास्त्री तन्वी गुप्ता जैन ने एक अध्ययन रिपोर्ट में कहा कि महामारी ने देश में धनी उपभोक्ताओं के आय स्तर पर कोई असर नहीं डाला है। यह बात इस तथ्य से साफ होती है कि 20 प्रतिशत आबादी बड़ी मात्रा में विवेकाधीन खपत करती है जिनमें 59 प्रतिशत खपत ग्रामीण क्षेत्रों में और 66 प्रतिशत खपत शहरी इलाकों में है।

उन्होंने यूबीएस के एक आंतरिक सर्वेक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि आधे से अधिक प्रतिभागियों ने पिछले तीन महीने में योजना के अनुसार या उससे अधिक सोना या आभूषण खरीदे हैं और उनमें से आधे से अधिक अगले दो साल में संपत्तियों में निवेश करने और कार या दोपहिया वाहन खरीदने की सोच रहे हैं।

यह सर्वेक्षण अगस्त महीने में उच्च आय वाले 1,500 उपभोक्ताओं पर कराया गया था।

यूबीएस के सर्वे के परिणामों से साफ है कि अमीर लोग उपभोक्ता मांग को बरकरार रखेंगे और 70 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागियों ने इस बात का पूर्वानुमान व्यक्त किया कि 2023 में उनकी आय बढ़ेगी।

इसी तरह, करीब 70 प्रतिशत प्रतिभागियों ने उम्मीद जताई है कि त्योहारों के समय खर्च बढ़ सकते हैं।

वहीं 20 प्रतिशत प्रतिभागियों ने ऑनलाइन शॉपिंग, स्वास्थ्य सुविधाओं, ऑनलाइन मनोरंजन, राशन आदि घरेलू सामान पर स्थिर व्यय की उम्मीद जताई। केवल नौ प्रतिशत लोगों ने अपने त्योहारी खर्च में कमी का अनुमान व्यक्त किया।

भाषा

मानसी प्रेम

प्रेम


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