धारा-301 के तहत प्रस्तावित शुल्क दायरे से बाहर, भारत को चुनौती देनी चाहिए: जीटीआरआई
धारा-301 के तहत प्रस्तावित शुल्क दायरे से बाहर, भारत को चुनौती देनी चाहिए: जीटीआरआई
नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) अमेरिका द्वारा धारा-301 जांच के तहत भारत पर प्रस्तावित 12.5 प्रतिशत शुल्क प्रावधान के दायरे से बाहर है और भारत को इसे चुनौती देनी चाहिए। आर्थिक शोध संस्थान जीटीआरआई ने बुधवार को यह बात कही।
‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव’ (जीटीआरआई) के अनुसार, 12.5 प्रतिशत का यह शुल्क अमेरिका की विश्व व्यापार संगठन प्रतिबद्धताओं से अधिक है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने जबरन मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने में विफल रहने के आरोप में भारत सहित 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।
यह कार्रवाई 60 देशों के खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद की गई है। इसमें यूएसटीआर ने आरोप लगाया था कि ये देश जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लागू करने में विफल रहे हैं।
जीटीआरआई ने कहा, ‘‘ वर्तमान जांच धारा-301 के दायरे से बाहर है, जो जांच के दायरे में आ रहे देश के आयात व उनके स्रोत से नहीं बल्कि अमेरिकी कंपनियों के सामने आने वाली बाजार पहुंच बाधाओं से संबंधित है।’’
आर्थिक शोध संस्थान के अनुसार, यह जांच इस आरोप पर आधारित नहीं है कि निर्यात किए जाने वाले भारतीय उत्पाद जबरन श्रम से तैयार किए जाते हैं, बल्कि यूएसटीआर की कार्रवाई इस बात पर केंद्रित है कि क्या देश तीसरे देशों में जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाते हैं।
जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भारत को यह तर्क देना चाहिए कि अमेरिका एकतरफा व्यापार उपायों के जरिये अपने पसंदीदा आयात-नियंत्रण ढांचे को अन्य देशों पर थोपने की कोशिश कर रहा है, जो धारा-301 के दायरे से बाहर है।
उन्होंने कहा, ‘‘ भारत यह भी तर्क दे सकता है कि जबरन श्रम से जुड़े मुद्दे, खासकर चीन जैसे देशों में अकसर उत्पाद-विशिष्ट होते हैं और अमेरिका स्वयं भी इन उत्पादों का बड़ा आयातक है। ऐसे में देश-व्यापी शुल्क लगाना उचित नहीं है जब समस्या कुछ उत्पादों तक सीमित हो सकती है।’’
जीटीआरआई ने इन शुल्कों को वाशिंगटन द्वारा भारत पर दबाव बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा भी बताया, खासकर तब जब दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
इसने कहा कि भारत को अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त धारा 301 शुल्कों के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा

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