जिंदल स्टेनलेस ने पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन को 40 प्रतिशत स्टेनलेस स्टील की आपूर्ति की
जिंदल स्टेनलेस ने पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन को 40 प्रतिशत स्टेनलेस स्टील की आपूर्ति की
नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) जिंदल स्टेनलेस ने शुक्रवार को कहा कि उसने भारत की पहली हाइड्रोजन चालित ट्रेन में इस्तेमाल हुई कुल स्टेनलेस स्टील के करीब 40 प्रतिशत हिस्से की आपूर्ति की है। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
स्टेनलेस स्टील विनिर्माता कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है जहां हाइड्रोजन आधारित ट्रेनें परिचालन में हैं। यह रेल क्षेत्र में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिंदल स्टेनलेस के मुताबिक, इस ट्रेन के निर्माण में प्रीमियम ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील ग्रेड का इस्तेमाल किया गया है। इसकी आपूर्ति कंपनी के जाजपुर और हिसार संयंत्रों से की गई।
कंपनी के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा, “भविष्य का परिवहन उन्नत सामग्रियों पर आधारित होगा, जो इन प्रौद्योगिकियों को अधिक दक्ष, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाती हैं।”
कंपनी ने कहा कि जंग-रोधक क्षमता, उच्च मजबूती, हल्के वजन, आग और झटकों से सुरक्षा तथा पुनर्चक्रण की सुविधा जैसे गुणों के कारण आधुनिक रेल डिब्बों में स्टेनलेस स्टील को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके हल्के वजन से ऊर्जा दक्षता भी बढ़ती है, जो हाइड्रोजन ट्रेनों जैसी नई प्रौद्योगिकी के लिए उपयुक्त है।
यह हाइड्रोजन चालित ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी करीब दो घंटे में तय करेगी और मार्ग में 12 स्टेशनों पर रुकेगी।
जिंदल स्टेनलेस पिछले तीन दशकों से भारतीय रेल को आपूर्ति करती रही है। इनमें वंदेभारत स्लीपर ट्रेन और देश की पहली वंदे मेट्रो ट्रेन भी शामिल हैं।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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