संसदीय समिति ने कहा बंधुआ मजदूरों पर सूचना जुटाने की मजबूत व्यवस्था की जाए

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संसदीय समिति ने कहा बंधुआ मजदूरों पर सूचना जुटाने की मजबूत व्यवस्था की जाए

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  • Publish Date - February 3, 2021 / 04:52 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:41 PM IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) संसद की एक समिति ने श्रम मंत्रालय से बंधुआ मजदूरों से संबंधित आंकड़ों के वास्तविक समय पर संग्रह के लिये श्रम मंत्रालय से निगरानी और समन्वय व्यवस्था को सुदृढ़ करने को कहा है।

केंद्र यह आंकड़ा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लेता है।

श्रम पर संसद की स्थायी समिति ने अपनी 10वीं रिपोर्ट में कहा, ‘‘यह साफ जान पड़ता है कि इस संदर्भ में कोई ठोस उपाय नहीं किये गये हैं। समिति एक बार फिर मंत्रालय को अपनी निगरानी और समन्वय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये कह रही है ताकि सभी राज्य/केंद्रशासित प्रदेश प्रभावी मध्यावधि सुधार/पुनर्मूल्यांकन के लिये बंधुआ श्रमिकों से जुड़े मामलों/सजा दरों से जुड़े आंकड़े वास्तविक समय पर एकत्रित करें और उसे भेजें।’’

संसद में बुधवार को पेश रिपोर्ट में मंत्रालय के जवाब पर असंतोष जताया गया है। मंत्रालय के जवाब में कहा गया था कि उसकी भूमिका केवल समय-समय पर निर्देश देने तक सीमित रही है और उसकी ओर से जिला स्तर पर स्थायी कोष के गठन और उपयोग की दिशा में प्रगति का नियमित आकलन नहीं किया जाता है।

समिति ने 2019-20 और 2020-21 की अपनी रिपोर्ट में बंधुआ श्रमिकों को चिन्हित करने, उनके मामलों के समाधान तथा पुनर्वास को लेकर मजबूत और प्रभावी व्यवस्था की जरूरत बतायी थी। इस कदम का मकसद इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करना है।

समिति ने यह भी कहा था कि मामलों के तेजी से सुनवाई और दोषियों को सजा दिलाने के लिये ‘फास्ट ट्रैक’ अदालतें बनायी जाएं।

रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय ने आंकड़ों में गड़बडी के कारणों और अपनी स्थिति स्पष्ट करने के बजाए केवल यह कहा है कि बंधुओं मजदूरों की पहचान और पुनर्वास राज्य सरकारों से जुड़ा मामला है।

समिति ने मंत्रालय को अंतर-राज्यीय प्रवासी मजूदरों का भी अलग से आंकड़ा तैयार करने को कहा है।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर