तापमान कम होने से बिजली की अधिकतम मांग घटकर 219 गीगावाट पर

तापमान कम होने से बिजली की अधिकतम मांग घटकर 219 गीगावाट पर

तापमान कम होने से बिजली की अधिकतम मांग घटकर 219 गीगावाट पर
Modified Date: September 28, 2026 / 07:56 pm IST
Published Date: September 28, 2026 7:56 pm IST

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) देश में बिजली की अधिकतम मांग अब घटने लगी है। इसका कारण उत्तरी भाग में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और औसत तापमान सामान्य से नीचे रहना है।

हालांकि, विशेषज्ञों ने ताप बिजलीघरों में कोयले के गंभीर रूप से कम भंडार को लेकर चिंता जताई है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 27 सितंबर तक 224.52 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) की कुल क्षमता वाले 190 बिजलीघरों में से 82 बिजलीघर कोयले के गंभीर रूप से कम भंडार की स्थिति में थे।

किसी बिजलीघर में सामान्य जरूरत के 25 प्रतिशत से कम कोयला भंडार होने पर उसे गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। रोजाना कोयले की जरूरत की गणना बिजलीघर के क्षमता उपयोग (पीएलएफ) के 85 प्रतिशत के आधार पर की जाती है।

देश में बिजली की अधिकतम मांग 10 सितंबर को 269.06 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद मांग में कमी आई और रविवार को यह घटकर 218.82 गीगावाट के निचले स्तर पर आ गई।

विशेषज्ञों ने कहा कि शरद ऋतु और उसके बाद सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ तापमान में और कमी आएगी, जिससे बिजली की मांग और खपत में भी नरमी आने की उम्मीद है। इससे पंखे, कूलर, एसी जैसे उपकरणों का उपयोग कम होगा।

पिछले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा में बनी चक्रवात की स्थिति के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में तापमान में गिरावट आई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि पिछले 24 घंटे में दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा।

ग्रिड इंडिया के इस सप्ताह के लिए जारी अखिल भारतीय बिजली मांग अनुमान के अनुसार, मंगलवार को अधिकतम मांग 252-257 गीगावाट के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, चार अक्टूबर को मांग 230-235 गीगावाट के बीच रह सकती है।

बिजली की अधिकतम मांग अगस्त में बढ़कर 258.27 गीगावाट हो गई, जो अगस्त, 2025 के 229.72 गीगावाट से अधिक है। हालांकि, यह मई में दर्ज 270.82 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर से कम रही।

पिछली गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 242.77 गीगावाट रही थी, जो जून, 2025 में दर्ज की गई थी। यह सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम थी।

भाषा रमण अजय

अजय


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