पेप्सिको को भरोसा, आने वाले वर्षों भारत उसके शीर्ष 10 बाजारों में शामिल होगा

पेप्सिको को भरोसा, आने वाले वर्षों भारत उसके शीर्ष 10 बाजारों में शामिल होगा

पेप्सिको को भरोसा, आने वाले वर्षों भारत उसके शीर्ष 10 बाजारों में शामिल होगा
Modified Date: September 10, 2026 / 07:26 pm IST
Published Date: September 10, 2026 7:26 pm IST

गुवाहाटी, 10 सितंबर (भाषा) वैश्विक खाद्य एवं पेय पदार्थ कंपनी पेप्सिको को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारत उसके दुनिया के शीर्ष 10 बाजारों में शामिल होगा।

कंपनी के भारत एवं दक्षिण एशिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जागृत कोटेचा ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में विनिर्माण क्षमता और खपत की संभावनाएं बढ़ने से निवेश आकर्षित हो रहा है।

भारत को दुनिया के सबसे संभावनाशील बाजारों में से एक बताते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी देश की वृद्धि संभावनाओं को लेकर बहुत आशावादी है। कंपनी 2030 तक करीब 5,700 करोड़ रुपये का निवेश कर अपनी क्षमता बढ़ाने और क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है।

पेप्सिको ने विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क का विस्तार करने की योजना के तहत बृहस्पतिवार को असम के नलबाड़ी में 778 करोड़ रुपये के निवेश से अपना पांचवां खाद्य विनिर्माण संयंत्र शुरू किया है।

कंपनी ने इस साल की शुरुआत में मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक कंसंट्रेट संयंत्र शुरू किया था। इसके अलावा वह दक्षिण भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में भी एक संयंत्र स्थापित कर रही है।

भारत के आने वाले वर्षों में पेप्सिको के शीर्ष 10 बाजारों में शामिल होने की संभावना के बारे में पीटीआई-भाषा के सवाल के जवाब में कोटेचा ने कहा, ‘‘हां। यही हमारा दृष्टिकोण है।’’

उन्होंने कहा कि पेप्सिको को भारत में अपने खाद्य और पेय पदार्थ, दोनों कारोबार क्षेत्रों में देश की क्षमता पर भरोसा है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘पैकेटबंद वस्तुओं की प्रति व्यक्ति खपत अन्य बाजारों की तुलना में अब भी बहुत कम है। इसलिए हम इसे लेकर बहुत आशावादी हैं।’’

भारत पेप्सिको के दुनिया के 13 प्रमुख बाजारों में शामिल है। पेप्सिको इंडिया का कारोबार 2025 में 9,789 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के बोतलबंद पेय कारोबार का संचालन फ्रेंचाइजी साझेदार ‘वरुण बेवरेजेज’ करती है, जिसका मुख्य रूप से भारत से होने वाला एकल आधार पर राजस्व 15,070.7 करोड़ रुपये रहा।

कोटेचा ने 2026 की दूसरी छमाही के लिए कारोबार संबंधी अनुमान पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि कंपनी बहुत आशावादी है।

भाषा योगेश अजय

अजय


लेखक के बारे में