सीमा शुल्क विभाग के पास पहले पंजीकृत हो चुकी गेहूं की खेप के निर्यात की अनुमति

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सीमा शुल्क विभाग के पास पहले पंजीकृत हो चुकी गेहूं की खेप के निर्यात की अनुमति

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  • Publish Date - May 17, 2022 / 03:30 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:38 PM IST

नयी दिल्ली, 17 मई (भाषा) सरकार ने नियमों में कुछ ढील देते हुए सीमा शुल्क विभाग के पास निर्यात प्रतिबंध से पहले पंजीकृत हो चुके मामलों में गेहूं के निर्यात की अनुमति दे दी है। सरकार ने गेहूं निर्यात पर 13 मई को प्रतिबंध लगाया था।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने 13 मई को अधिसूचना जारी कर गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। गेहूं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘‘गेहूं की जो भी खेप सीमा शुल्क विभाग को जांच के लिए सौंपी गई है और उसकी प्रणाली पर 13 मई से पहले पंजीकृत है, उसके निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया गया है।’’

इसके अलावा सरकार ने मिस्र के लिए गेहूं की खेप के निर्यात की अनुमति दी है। यह गेहूं पहले ही कांडला बंदरगाह पर लदान की प्रक्रिया में है।

मिस्र सरकार ने आग्रह किया था कि कांडला बंदरगाह पर जिस गेहूं का लदान किया जा रहा है, उसके निर्यात की अनुमति दी जाए।

मिस्र को गेहूं का निर्यात करने वाली कंपनी मीरा इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लि. ने कहा है कि 61,500 टन में से 44,340 टन गेहूं का लदान पूरा हो चुका है और 17,160 टन का लदान भी पूरा होने की प्रक्रिया में है।

मंत्रालय ने 61,500 टन की पूरी खेप के निर्यात की अनुमति देने का फैसला किया है।

सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब ऐसी खबरें आ रही हैं कि गेहूं निर्यात पर अचानक प्रतिबंध की घोषणा से कुछ बंदरगाहों पर गेहूं से लदे ट्रकों की कतार लग गई है।

भाषा अजय अजय प्रेम

प्रेम