(फोटो के साथ) … अपराजिता उपाध्याय …
ग्लास्गो / नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का डोपिंग विवाद लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है जहां पिछली बार रजत पदक जीतने वाली जूडो खिलाड़ी तूलिका मान ग्लास्गो पहुंचने से पहले ही अपने ठिकाने (वेयरअबाउट्स) नियम के उल्लंघन के कारण निलंबित हो गईं, जबकि लॉन बॉल्स और मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने जीत के साथ अगले दौर में जगह बना ली। भारत ने अब तक एक पदक सुनिश्चित कर लिया है। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को महिला 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश मिलने से उनका कम से कम कांस्य पदक पक्का हो गया है। वहीं, भारत के उभरते हुए युवा मुक्केबाज जदुमणि सिंह ने पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग में मेजबान स्कॉटलैंड के एरॉन कुलेन को एकतरफा अंदाज में हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस बार खेलों का आयोजन सीमित स्तर पर होने के कारण दूसरे दिन के भारत की प्रतिस्पर्धाएं भी सीमित रहीं। लॉन बॉल्स की महिला पेयर्स स्पर्धा में भारतीय जोड़ी ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की, जबकि पुरुष एकल के दूसरे दौर में पुतुल सोनोवाल ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में फॉकलैंड द्वीपसमूह के सेसिल अलेक्जेंडर को टाई-ब्रेक में हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। तूलिका (27 वर्ष) ने 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 78 किलोग्राम से अधिक वजन वर्ग में रजत पदक जीता था और इस बार भी वह पदक की प्रबल दावेदार थीं। अब उन पर दो वर्ष के प्रतिबंध का खतरा मंडरा रहा है। इस तरह दिल्ली की यह खिलाड़ी ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों से हटाई जाने वाली दूसरी भारतीय जूडोका बन गई हैं। बृहस्पतिवार को एक अन्य भारतीय जूडोका अरुण कुमार (73 किलोग्राम से कम वजन वर्ग) को भी प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया था क्योंकि वह डोप परीक्षण में विफल पाए गए। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने उनके शरीर में एनाबॉलिक स्टेरॉयड पाए जाने के बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। भारतीय जूडो टीम अभी तक राष्ट्रमंडल खेलों के लिए रवाना नहीं हुई है क्योंकि उसकी प्रतियोगिताएं 31 जुलाई से शुरू होंगी। टीम के खिलाड़ियों को 27 जुलाई को ग्लास्गो रवाना होना है। भारत ने शुरुआत में 14 सदस्यीय जूडो टीम को मंजूरी दी थी, जिसमें सात पुरुष और सात महिला खिलाड़ी शामिल थे। डोपिंग के कारण दो खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद अब टीम में 12 खिलाड़ी रह गए हैं। हर मुकाबले से पहले करीब 10 किलोग्राम वजन घटाने की मजबूरी से मुक्त होने के बाद जदुमणि पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास से भरे नजर आए। घरेलू दर्शकों के जबरदस्त समर्थन के बावजूद कुलेन के खिलाफ जदुमणि तकनीकी और रणनीतिक दोनों ही स्तर पर बेहतर साबित हुए। उन्होंने सर्वसम्मत निर्णय से जीत दर्ज की और अब अगले दौर में उनका सामना पाकिस्तान के सुमामा रहमान से होगा। लॉन बॉल्स में रूपा रानी टिर्की (लीड) और पिंकी सिंह (स्किप) ने स्कॉटिश इवेंट कैंपस (एसईसी) हॉल-3 में खेले गए सेक्शन-बी के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की थाबेलो मुव्हांगो (लीड) और जैकी जैनसे वैन रेंसबर्ग (स्किप) की जोड़ी को 2-0 से हराया। भारतीय जोड़ी ने दोनों सेट 6-4 और 7-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों ने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने पूरे मुकाबले में बेहतर नियंत्रण बनाए रखा। इस जीत के साथ भारत सेक्शन-बी की अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है। पुरुष एकल वर्ग के सेक्शन-डी के दूसरे दौर में असम पुलिस के अधिकारी पुतुल सोनोवाल को फॉकलैंड द्वीपसमूह के सेसिल अलेक्जेंडर के खिलाफ जीत के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। 43 वर्षीय सोनोवाल ने पहले सेट में 3-4 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए 7-5 से जीत दर्ज की। दूसरे सेट में हालांकि अलेक्जेंडर ने बेहतर खेल दिखाते हुए 8-6 से जीत हासिल की और मुकाबला 1-1 की बराबरी पर पहुंचा दिया। इसके बाद टाई-ब्रेक में सोनोवाल ने दबाव में शानदार संयम बनाए रखा और निर्णायक अंक जीतकर रोमांचक मुकाबला अपने नाम कर लिया। पैरा पावरलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ी कोई कमाल नहीं कर सके। अशोक मलिक शुक्रवार को पुरुष लाइटवेट स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे। अशोक ने कुल 143.8 अंक जुटाए, लेकिन वह पदक जीतने से चूक गए। इंग्लैंड के मार्क स्वान ने 153.9 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। नाइजीरिया के रोलैंड एजुरुइके ने भी 153.9 अंक हासिल किए और रजत पदक अपने नाम किया, जबकि मलेशिया के बॉनी बुन्याउ गस्टिन ने 153.5 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। प्रतियोगिता में भारत के एक अन्य खिलाड़ी परमजीत कुमार 135.6 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे। पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के चार सदस्यीय पैरा पावरलिफ्टिंग दल को पुरुष हेवीवेट वर्ग में सुधीर के स्वर्ण पदक के रूप में एकमात्र पदक मिला था। हालांकि बाद में डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर सुधीर पर दो वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया गया और उनका स्वर्ण पदक भी वापस ले लिया गया। कार्तिक बुडिगिना राष्ट्रमंडल खेलों की पैरा तैराकी प्रतियोगिता में पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गए। वह शुक्रवार को पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 वर्ग के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। बुडिगिना ने फाइनल में 57.57 सेकंड का समय निकाला। इस स्पर्धा में भारत के दूसरे तैराक इमाम अली ने 1:03.73 मिनट का समय लेकर सातवां स्थान हासिल किया। दक्षिण अफ्रीका के नाथन हेंड्रिक्स ने 54.54 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। स्कॉटलैंड के स्टीफन क्लेग ने 55.16 सेकंड के साथ रजत, जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू रेडफर्न ने 56.86 सेकंड के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। एस13 वर्ग दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए निर्धारित पैरा तैराकी श्रेणी है। इससे पहले हीट में हिस्सा लेने वाले सभी आठ तैराकों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। बुडिगिना ने 57.10 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था, जबकि इमाम अली 1:05.32 मिनट के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे थे। बुडिगिना ने अपने खेल करियर की शुरुआत रोइंग से की थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने पैरा तैराकी को अपना खेल बनाया। इससे पहले दो बार के ओलंपियन श्रीहरि नटराज ने पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के सेमीफाइनल में जगह बनाई। कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके नटराज ने हीट में 25.52 सेकंड का समय निकाला। उन्होंने बरमूडा के जैक हार्वे के साथ संयुक्त 14वां स्थान हासिल किया और शीर्ष-16 तैराकों में शामिल होकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। अपनी आठ तैराकों वाली हीट में नटराज पांचवें स्थान पर रहे। इन खेलों का आयोजन केवल चार स्थलों पर किया जा रहा है, जो आठ मील (करीब 13 किलोमीटर) के दायरे में स्थित हैं। इस बार खेलों में सिर्फ 10 खेलों को शामिल किया गया है। बैडमिंटन, निशानेबाजी, कुश्ती और हॉकी जैसे खेल कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं, जिनमें भारत परंपरागत रूप से बड़ी संख्या में पदक जीतता रहा है। भाषा आनन्द आनन्द