लखनऊ, 24 जुलाई (भाषा) ज्योतिर्मठ के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ में उनके तय कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी, जिससे इसे डिजिटल तरीके से करना पड़ा। वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने उनके अभियान का समर्थन किया और नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
राय ने लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की, जहां अन्य लोग भी मौजूद थे। पत्रकारों से बात करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दावा किया कि लखनऊ में शुक्रवार के कार्यक्रम की घोषणा पहले ही कर दी गई थी, लेकिन राज्य प्रशासन ने इसके लिए अनुमति नहीं दी।
उन्होंने कहा, ‘नतीजतन, कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से दो बजे तक डिजिटल माध्यम से आयोजित किया गया।’ संत ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में उनके कई समर्थकों को नजरबंद कर दिया गया और उनके घरों के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए।
उन्होंने दावा किया कि गौ-रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले लोगों को पुलिस परेशान कर रही है और धमका रही है। पेपर लीक मामलों के लिए त्वरित अदालतें बनाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा का ज़िक्र करते हुए, स्वामी ने सवाल किया कि ज़िम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए सरकार को न्यायिक कार्यवाही की ज़रूरत क्यों है।
उन्होंने कहा, ‘अगर पेपर लीक हुए हैं और बच्चों ने आत्महत्या की है, तो कोई न कोई तो जिम्मेदार होगा ही। क्या प्रधानमंत्री खुद जिम्मेदारी तय नहीं कर सकते?’
अजय राय ने नीट मुद्दे पर दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि छात्रों के साथ गलत व्यवहार के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग दोहराई और कहा कि अगर वह पद नहीं छोड़ते हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए।
भाषा आनन्द आशीष
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